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बिजली संकट के साए में मध्य प्रदेश, सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट में बचा सिर्फ 2 दिन का कोयला

गांधी पावर प्लांट में भी कोयला खत्म होने वाला है, कोयला आपूर्ति में भुगतान बना बाधा।

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भोपाल. बिजली संकट की आहट अब मध्य प्रदेश में सुनाई देने लगी है। राज्य के सबसे बड़े थर्मल पावर प्लांट सिंगाजी में सिर्फ 2 दिनों का कोयला बचा है। बताया जा रहा है अगर जल्द कोयले की व्यवस्था नहीं हुई तो प्रदेश में अंधेरा छा सकता है। बिजली संकट को लेकर पूर्व सीएम कमलनाथ ने सरकार पर सवाल उठाए हैं।

प्रदेश के बिजली संकट के पीछे पॉवर प्लांट में कोयला की सप्लाई है कोयला कंपनी ने कोयले की सप्लाई रोक दी है। इसेक पीछे कोयले भुगतान नहीं होना बताया जा रहा है। कोयले की कमी से सिंगाजी पावर प्लांट में बिजली का उत्पादन 50 फीसदी रह गया है। फिलहाल 2400 मेगावॉट की क्षमता में से 1200 मेगावॉट की 2 यूनिट बंद हो गई हैं, 1 और 2 यूनिट आधी क्षमता से चल रही है। वही संजय गांधी पावर प्लांट में भी कोयला खत्म होने वाला है।

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प्रदेश के बिजली संकट को लेकर पूर्व सीएम कमलनाथ ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में बिजली का संकट दिन- प्रतिदिन गहराता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों व कृषि क्षेत्रों में स्थिति बेहद खराब होती जा रही है। कई-कई घंटों की अघोषित कटौती की जा रही है। कोयले की कमी के कारण उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। कई ताप विद्युत परियोजनाएं बंद होने की कगार पर है।

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वहीं मांधाता विधायक नाराय़ण पटेल ने इस मामले अजीब बयान देते हुए कहा कि बिजली संकट भगवान का प्रकोप है। इस बार बारिश भी कम हुई है, जिससे जल विद्युत परियोजनाओं में कमी आई है, हमारे हाथ में कुछ नहीं है। हालांकि विधायक पटेल ने ये भी कहा कि सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट में कोयले की आपूर्ति की जाएगी। भुगतान को लकेर मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से चर्चा हुई है।

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