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अंधेरे में डूबा भोपाल AIIMS, ऑपरेशन टले, शिफ्ट हुए मरीज

मरीजों के परिजनों ने खुद खींचे बेड, आसपास के घरों से लाए पानी...

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Andhera in aiims

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भोपाल. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सोमवार को व्यवस्थाएं चरमरा गईं। सोमवार सुबह जहां अस्तपाल में पानी नहीं आया तो दोपहर में आधे अस्पताल की बिजली गुल हो गई। इजरजेंसी छोड़ लगभग आधा दर्जन विभाग अंधेरे में डूबे रहे।

हालात यह बन गए कि आधा दर्जन से ज्यादा ऑपरेशन टालने पड़े वहीं वार्डों में अंधेरा होने पर मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट करना पड़ा। बिजली पानी ना होने से एम्स में सुबह से शाम तक अफरातफरी जैसा माहौल बना रहा। अस्पताल प्रबंधन भी मान रहा है कि पानी बिजली ना होने दिक्कत तो जरूर हुई लेकिन ऑपरेशन टालने जैसी स्थिति नहीं बनी।

गौरतलब है कि करीब एक सप्ताह पहले भी एम्स में दोपहर में बिजली गुल हो गई थी जिसके चलते मरीजों के पर्चों नहीं बने वहीं जांच तक में दिक्कत हो रही थी। ऐशबाग निवासी गुड्डू ने बताया कि शनिवार को उनकी पत्नी को ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया था। रात करीब 11 बजे से पानी आना बंद हो गया जिससे मरीज परेशान होने लगे। पीने के पानी के साथ ही बाथरूम में भी पानी की किल्लत रही। आश्चर्य की बात यह है कि एम्स में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं है।

दोपहर को चली गई बिजली तो शिफ्ट करना पड़े मरीज

पानी चले जाने के साथ ही दोपहर तीन बजे अचानक बिजली भी गुल हो गई। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद भी जब बिजली नहीं आई तो इलेक्ट्रिशियन ने कहा कि अब बिजली नहीं आएगी। ऐसे में मरीजों को दूसरे वार्डोंं में शिफ्ट करना पड़ा। जानकारी के अनुसार गायनिक और मेडिसिन के साथ करीब आधा दर्जन विभागों में लाइट नहीं रही।

परिजनों ने खुद खीेंचे पलंग

बिजली ना आने पर अस्पताल के कर्मचारियों ने परिजनों से कहा कि मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ेगा। ऐसे में कई मरीजों के परिजन एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक बेड खींचते रहे। रात करीब 12 बजे तक अस्पताल में यही माहौल बना रहा।

अपने घर ले गए परिजनों को

साकेत नगर निवासी राकेश बाथम बताते हैं कि उनके परिचित यहां भर्ती है। यहां आए तो पता चला कि अस्पताल में पानी नहीं है। मरीजों के लिए तीमारदारों को पीने का पानी बाहर से खरीदकर लाना पड़ रहा है। बाथरूम में पानी नहीं है। ऐसे में हम मरीज के परिजनों को अपने घर ले गए।

कम दवाब से आया पानी

जानकारी के मुताबिक निगम ने सुबह 11 बजे तक पाइप लाइन तो सुधार दी थी लेकिन इसमें पानी शाम चार बजे तक ही आ पाया। कम दवाब के चलते पानी कम आया जिससे मरीजों की परेशानी कम नहीं हुई।

रात में सप्लाई व्यवस्था गड़बड़ा गई थी, जिसके चलते थोड़ी दिक्कत हुई थी। हमने टैकरों से पानी सप्लाई किया। वहीं सुबह 11 बजे तक पाइप लाइन भी सुधर गई, अब पानी आ रहा है।
- डॉ. मनीषा श्रीवास्तव, अधीक्षक, एम्स भोपाल

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