
Pre Nursing Selection Test 2023 PNST 2023 Admission in Government Nursing Colleges Update News
Pre Nursing Selection Test 2023 PNST 2023 Admission in Government Nursing Colleges Update News - एमपी में नर्सिंग कॉलेजों में फर्जीवाड़ा बंद ही नहीं हो रहा है। प्रदेशभर में प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता में हुई गड़बड़ी का मामला तो देशभर में सुर्खियों में रह चुका है। राज्य सरकार गड़बड़ी करनेवाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की बात कर रही है। इसके बावजूद नित नई गड़बड़ी उजागर हो रही है। नया मामला प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट 2023 का है जिसका रिजल्ट ही घोषित नहीं किया जा रहा है। टेस्ट देनेवाले हजारों परीक्षार्थी राज्यस्तर पर प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन संबंधित विभाग और अफसरों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट यानि पीएनएसटी परीक्षा पिछले साल 2023 में जुलाई में आयोजित की गई थी। प्राय: परीक्षा के एक—दो माह में रिजल्ट घोषित कर दिया जाता है पर एक साल बाद भी परिणाम नहीं आया है। इस कारण नर्सिंग कोर्सेस करने के इच्छुक स्टूडेंट का इंतजार लगातार बढ़ते जा रहा है।
प्री नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट के रिजल्ट के बाद ही प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में प्रवेश की राह खुलेगी। सरकारी कॉलेजों की कुल 1050 सीटों के लिए यह परीक्षा आयोजित की गई थी लेकिन रिजल्ट अभी तक नहीं आने से स्टूडेंट की परेशानी बढ़ती जा रही है।
खास बात यह है कि परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होने के कारण जहां सरकारी कॉलेजों में प्रवेश नहीं हो रहा वहीं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में धड़ल्ले से प्रवेश दिया जा रहा है। करीब एक साल बाद भी रिजल्ट नहीं आने के बहाने से सरकारी कॉलेजों में प्रवेश रोककर प्राइवेट कॉलेजों में प्रवेश जारी रखने को कांग्रेस ने नया घोटाला करार दिया है।
एनएसयूआई मेडिकल विंग के रवि परमार का आरोप है कि सरकार प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों को मुनाफा पहुंचाने के लिए सरकारी नर्सिंग कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं कर रही है। एमपी में 2022 से सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में एक भी एडमिशन नहीं हुआ। रवि परमार के अनुसार जहां सरकारी कॉलेजों में प्रवेश रुके पड़े हैं वहीं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में एडमिशन धड़ल्ले से हो रहे हैं।
बता दें कि पीईबी के माध्यम से 66 हजार स्टूडेंट्स ने प्री नर्सिंग सिलेक्शन 2023 परीक्षा दी थी। इस परीक्षा के लिए सामान्य वर्ग से 460 रुपए और आरक्षित वर्ग से 260 रुपए बतौर फीस जमा कराए गए थे। इस प्रकार करोड़ों रुपए परीक्षा शुल्क के रूप में वसूले गए।
Published on:
16 Jun 2024 06:51 pm

बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
