
आप भी चाहते हैं रेग्युलर आय तो अपनाएं ये उपाय...
भोपाल। नौकरी करने वाले हर व्यक्ति को भविष्य में होने वाली आय की चिंता सताती रहती है। उसके दिलो दिमाग में हमेशा चलता रहता है कि रिटायर्मेंट के बाद क्या...
यदि आप किसी ऐसी जगह नौकरी करते हैं, जहां पेंशन की कोई व्यवस्था नहीं है। तो ऐसे में ये प्रश्न आपके सामने आना भी स्वाभाविक ही है।
जानकारों के अनुसार उम्र के साथ एक ओर जहां हमारी प्रतिरोधक क्षमता घटती जाती है, वहीं इसके चलते जरा सी स्थिति में भी हमें रोग पकड़ लेते हैं।
वहीं इस दौरान भी जीवन यापन के लिए होने वाले खर्चे तो बने रहते हैं, लेकिन हमेशा की तरह हर माह होने वाली आय बंद हो जाती है। ऐसे में कई लोगों को कष्टमय बुढ़ापा देखने को मजबूर होना पड़ता है।
इन्हीं सब स्थितियों को देखते हुए देश में सीनियर सिटीजन को बचत पर अधिक ब्याज देने और उन्हें आयकर संबंधी लाभ देने के लिए 2017 में प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) शुरू की गई थी। यह 60 साल से ऊपर के लोगों के लिए रकम जमा कर पेंशन पाने की योजना है।
इस योजना के संबंध में फाइनेंस से जुड़े मनोज गोयल का कहना है कि यह योजना उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है जिन्हें सरकार से कोई पेंशन नहीं मिलती। ऐसे सीनियर सिटीजन नौकरी से रिटायर होने के बाद एकमुश्त पैसा जमा करके अगले 10 साल तक पेंशन पा सकते हैं।
इसके तहत मासिक पेंशन लेने पर 8 फीसद सालाना के हिसाब से ब्याज मिलता है। सीनियर सिटीजन इस योजना में 15 लाख का निवेश कर 10 हजार रुपए महीने तक पेंशन पा सकते हैं। 10 साल बाद जमा रकम वापस मिल जाएगी।
पेंशन- विकल्प और अवधि...
गोयल के अनुसार इस योजना में पेंशन के कई विकल्प मौजूद हैं। इसमें सीनियर सिटीजन 1 से 5 हजार रुपए तक मासिक पेंशन के विकल्प चुन सकते हैं।
इस योजना में सीनियर सिटीजन द्वारा एकमुश्त रकम के निवेश के बदले ब्याज के रूप में अगले 10 साल तक निश्चित पेंशन मिलती है।
पेंशन की रकम- पॉलिसी में जमा रकम के अनुसार एक हजार से 10 हजार रुपए तक हो सकती है।
साथ ही इसमें पेंशन पाने की अवधि चुनने का विकल्प भी है। इसके तहत मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर पेंशन ली जा सकती है। पहले यह योजना 4 मई 2017 से 3 मई 2018 के लिए ही थी। अब इसके तहत निवेश करने की अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2020 कर दिया गया है।
निश्चित आमदनी से अधिक पर लगेगा टैक्स(GST के दायरे से बाहर)...
यह योजना जीएसटी के दायरे से बाहर है। हालांकि, पेंशन के रूप में जो पैसा मिलेगा उसे कर योग्य आमदनी माना जाएगा।
इस योजना के तहत पेंशन में अगर किसी सीनियर सिटीजन को सालाना 2.5 लाख रुपए से ज्यादा मिलते हैं तो उन्हें टैक्स चुकाना पड़ेगा।
इसके अलावा अगर योजना में निवेश बाद अगर 10 साल के दौरान पेंशनधार की मौत हो जाती है तो नॉमिनी को निवेश की गई रकम मिल जाएगी।
Updated on:
21 Oct 2018 04:51 pm
Published on:
21 Oct 2018 04:49 pm
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