
कर्मचारी मंच का मंत्रालय के सामने प्रदर्शन
भोपाल. राज्य सरकार चुनावी वर्ष में सरकारी कर्मचारियों—अधिकारियोें को अनेक सौगात दे रही है. हाल ही में सरकार ने कर्मचारियों—अधिकारियोें को अतिरिक्त 4 फीसदी महंगाई भत्ते का लाभ देने की घोषणा की है लेकिन कुछ कर्मचारी संगठनों ने इसमें विसंगति बताई है. इतना ही नहीं, कर्मचारी संगठन और नेता इस मामले में राज्य सरकार पर कर्मचारियों के हक पर डाका डालने का आरोप भी लगा रहे हैं.
मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को एक जुलाई 2022 से एरियर सहित महंगाई भत्ते का लाभ और छठवां वेतनमान प्राप्त कर्मचारियों और स्थायी कर्मियों को भी 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। मप्र कर्मचारी मंच की ओर से इस संबंध में सोमवार को भोजन अवकाश के समय मंत्रालय के समक्ष प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा।
मप्र कर्मचारी मंच MP Employees Forum के प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सातवां वेतनमान प्राप्त कर्मचारियों को 4 फीसदी महंगाई भत्ते का लाभ एक जनवरी 2023 से देने के आदेश जारी किए हैं, वहीं अधिकारियों को एक जुलाई 2022 से महंगाई भत्ते का लाभ देने के आदेश जारी किए। प्रदेश सरकार को भी केंद्र के समान प्रदेश के कर्मचारियों को एक जुलाई 2022 से ही 4प्रतिशत महंगाई भत्ता देना चाहिए था।
कर्मचारी संगठन और नेताओं का कहना है कि यह निर्णय कर सरकार ने कर्मचारियों के हक के 427 करोड़ रुपए बचाने का काम किया है जोकि न्याय संगत नहीं है। प्रदर्शन में सीपी शर्मा, श्याम बिहारी सिंह, भागीरथ विश्वकर्मा, सत्येंद्र पांडे, शिवप्रसाद सांगुले आदि कर्मचारी मौजूद थे।
Published on:
31 Jan 2023 10:00 am
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