
भोपाल। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की दो दिन से हड़ताल जारी है। वहीं इसके तीसरे दिन यानि बुधवार को संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भोपाल में मांगों को लेकर नीलम पार्क पर प्रदर्शन किया। इस दौरान हड़ताल का असर कई सरकारी अस्पतालों पर देखने को मिला। आरोप है कि इसके कारण जांच और दूसरी प्रक्रियाएं प्रभावित हो रहीं हैं।
भोपाल में आठ सौ स्वास्थ्य कर्मचारी है, जबकि प्रदेशभर में इनकी संख्या उन्नीस हजार है। वहीं जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य कर्मचारियों की दो मुख्य मांगे हैं, जिसमें पहली नियमितीकरण और दूसरी दो साल पहले निलंबित किए गए स्वास्थ्य कर्मचारियों को वापस लेने की मांग शामिल है।
इससे पहले के दिनों में हड़ताल की वजह से टीबी की जांच, दवा के वितरण समेत दूसरे प्रशासनिक कामकाज ठप रहे। साथ ही वार्ड स्तर पर खोले गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी असर पड़ा।
इससे पहले मंगलवार को भी अपनी मांग को लेकर इन कर्मचारियों ने काला दिवस मानते हुए प्रदर्शन किया। यहां संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ.तिवारी ने बताया कि 28 फरवरी को भोपाल में सभी विभागों के संविदा कर्मचारियों द्वारा मध्यप्रदेश संविदा नियुक्त संघर्ष मंच के तहत विशाल आंदोलन किया जाएगा।
वहीं सोमवार को राजधानी भोपाल के जेपी अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य कर्मचारियों की दो मुख्य मांगे हैं, जिसमें पहली नियमितीकरण और दूसरी दो साल पहले निलंबित किए गए स्वास्थ्य कर्मचारियों को वापस लेने की मांग शामिल है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. बृजेश तिवारी के अनुसार हमारी मांग है कि एनएचएम , अन्य परियोजनाओं, स्वास्थ्य में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, संविलियन किया जाए और सेवा से निष्कासित कर्मचारियों की बहाली की जाए। उन्होंने कहा जब तक मांग पूरी नहीं होगी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल से वापस नहीं आएंगे।
इधर, मंगलवार को विदिशा में भी संविदा स्वास्थ्य अधिकारियों-कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रहा। आज यानि मंगलवार को यहां कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे।
ये रहा असर...
दरअसल पहले दिन यानि सोमवार के बाद मंगलवार को भी हड़ताल जारी रही। इससे पूर्व सोमवार को हड़ताल के बाद मध्यप्रदेश में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के पहले दिन स्वास्थ्य सेवाओं पर खासा असर देखने को मिला।
हड़ताल की वजह से टीबी की जांच, दवा के वितरण समेत दूसरे प्रशासनिक कामकाज ठप रहे। साथ ही वार्ड स्तर पर खुले गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी असर पड़ा
वहीं पिछले दिन जेपी अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य कर्मचारियों की दो मुख्य मांगे हैं, जिसमें पहली नियमितीकरण और दूसरी दो साल पहले निलंबित किए गए स्वास्थ्य कर्मचारियों को वापस लेने की मांग शामिल है। वहीं देवी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया।
Published on:
21 Feb 2018 01:49 pm
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