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सोते समय सिर नहीं पैर के नीचे लगा लें तकिया, कभी नहीं होंगी ये गंभीर बीमारियां

अक्सर लोगों को पैरों में सूजन, पीठ में दर्द, साइटिका दर्द, स्लिपडिस्क पेन या ब्लड सर्कुलेशन में उतार चढ़ाव की समस्या रहती है। घरेलू तरीके से भी इन बीमारियों से राहत पाई जा सकती है, आइये जानें...।

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सोते समय सिर नहीं पैर के नीचे लगा लें तकिया, कभी नहीं होंगी ये गंभीर बीमारियां

सोते समय सिर नहीं पैर के नीचे लगा लें तकिया, कभी नहीं होंगी ये गंभीर बीमारियां

भोपाल. अकसर लोगों को पैरों में सूजन, पीठ में दर्द, साइटिका दर्द, स्लिपडिस्क पेन या ब्लड सर्कुलेशन में उतार चढ़ाव की समस्या रहती है। ऐसे में डॉक्टरों द्वारा उन्हें सोते समय सिर की जगह पैरो के नीचे तकिया रखने या उन्हें सिर के मुकाबले ऊंचे स्थान पर रखकर सोने की सलाह दी जाती है। ऐसे में आपने देखा होगा कि, अकसर लोग अपने बेड के पैरों वाले स्थान पर ईंट या कोई अन्य ब्लॉक्स लगाकर ऊंचा रखते हैं। ऐसा करने से पैरों वाला पोर्शन बाकी शरीर से ऊंचा हो जाता है और आपको किसी तरह की परेशानी भी नहीं होती।

राजधानी भोपाल के निजी अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अजीत गर्ग का कहना है कि, वैसे तो लोगों को सोते समय अलग अलग तकिये रखकर नींद लेने की आदत होती है। कोई मोटा तकिया रखकर सोता है तो कोई पतला। लेकिन, इस बात को भी हम नजर अंदाज नहीं कर सकते कि, अच्छी नींद के लिए भी सोते समय तकिये का अहम योगदान होता है। लेकिन, हमें हमेशा पतला तकिया रखकर ही सोना चाहिए। अकसर सिर के नीचे मोटा तकिया रखकर सोने वालों को ही पैरों में सूजन, पीठ में दर्द, साइटिका दर्द, डि-स्क पेन या ब्लड सर्कुलेशन में उतार चढ़ाव आदि समस्या का सामना करना पड़ता है। वहीं, इन समस्याओं से ग्रस्त व्यक्ति अगर चिकित्सकीय परामर्श के साथ सिर के बजाय पैरों के नीचेतकिया रखने या उन्हें पैरों के मुकाबले ऊंचा रखकर सोते हैं, उन्हें बताई गई समस्यांओं से निजात मिल सकती है।

आइये जानते हैं, पैरों को सिर के मुकाबले ऊंचा रखने से किन किन समस्याओं में लाभ मिल सकता है।...


-पैर में सूजन

अगर दिनभर कुर्सी पर पैर लटकाकर बैठने से आपके पैरों में सूजन आ गई है या आपको वेरिकोज वैंस की समस्या है तो पैरों के नीचे तकिया जरूर लगाएं। इससे ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है और सूजन कम होती है।

-पीठ और कूल्हे की हड्डी में दर्द

जो लोग दिनभर डेस्क जॉब करते हैं, उन्हें पीठ और कूल्हों में दर्द होने लगता है। पैरों के नीचे तकिया लगाने से पीठ और कूल्हे की स्ट्रेचिंग होती है, जिससे सुबह दर्द का अहसास कम होता है। साथ ही, मसल्स पर पड़ने वाला प्रेशर भी घटता है।


-साइटिका दर्द

सीधे सोने से या फिर आड़ी तेड़ी करवट लेकर सोने से साइटिका की तकलीफ और ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में सबसे बेहतर तरीका है कि, पैरों के नीचे तकिया लगाकर सोएं। इस तरह सोने से पॉश्चर ठीक रहता है और साइटिका के दर्द में भी राहत रहती है।


- स्लिपडिस्क पेन होने पर

दिनभर तन कर बैठे बैठे स्लिपडिस्क पेन की शिकायत हो जाती है। इस पेन के शिकार लोग पैरों को ऊंचा रखकर सोते हैं तो रीढ़ की हड्डी में राहत मिलती है। रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है, जिससे स्लिपडिस्क पेन का अहसास भी कम होता है।

-ब्लड सर्कूलेशन के लिए

जो लोग किसी ऑफिस में काम करते हैं या फील्ड जॉब में हैं। उनके पैरों को दिनभर आराम नहीं मिलता। उल्टा पूरे शरीर का दबाव नीचे की ओर बढ़ जाता है। ऐसे लोगों को पैर के नीच तकिया रखकर सोना चाहिए। ऐसा करने से ब्लड सर्कूलेशन ठीक रहता है।