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पीडब्ल्यूडी की जिला रोड….बॉर्डर की सड़कें दो जिलों की टीम मिलकर करेगी तैयार

ऐसे समझे स्थिति ये होगा लाभ कोट्सजिलों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए बेहतर नीति से काम किया जा रहा है। इसका लाभ दोनों शहरों को मिले, इसलिए टीम को मिलकर काम करने की जरूरत है।

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  • भोपाल सीहोर की 41 किमी लंबी रोड ऐसे ही हो रही तैयारभोपाल.शहर से लगे जिलों में आवाजाही आसान करने पीडब्ल्यूडी जिला रोड पर तेजी से काम कर रहा है। भोपाल सीहोर 41 किमी लंबी रोड की तरह अब शहर से विदिशा, नरसिंहगढ़-राजगढ़, रायसेन और अन्य क्षेत्रों की ओर सड़क की योजना तय की जा रह है। इसमें सबसे खास ये हैं कि इन रोड की प्लानिंग से लेकर निर्माण में दो जिले की पीडब्ल्यूडी टीम मिलकर काम करेगी।

ऐसे समझे स्थिति

  • भोपाल से विदिशा की ओर तीन रास्तों से आवाजाही हो सकती है। एक बेहतर है, जबकि दो पर काम करने की जरूरत है। इनके लिए भोपाल पीडब्ल्यूडी व विदिशा पीडब्ल्यूडी मिलकर प्लान बनाएगी। अपने-अपने क्षेत्र में बनने वाली सड़क पर अलग-अलग काम होगा, लेकिन डिजाइन और टेंडर ठेका एक ही कर दिया जाएगा। इसी तरह रायसेन, राजगढ़-नरसिंहगढ़ व अन्य क्षेत्रों की ओर काम किया जाएगा। सीहोर में भी अभी कोलार डेम वाले रास्ते का कुछ भाग बाकी है।

ये होगा लाभ

  • टाउन प्लानर सुयश कुलश्रेष्ठ के अनुसार जिलों की आपस में रोड कनेक्टिविटी बेहतर होगी। सभी सड़कें समानरूप से बेहतर होगी तो किसी एक रोड पर ट्रैफिक का भार घटेगा। आवाजाही आसान होगी और जिलों के बीच लोगों की आवाजाही बढ़ने से आर्थिक व सामाजिक लाभ मिलेगा। एक दूसरे की तरक्की का ये लाभ लेंगे। योजनाओं का भी लाभ सामुहिकतौर पर मिलेगा। खासतौर पर शिक्षा-चिकित्सा में जिले एक साथ मिलकर काम कर सकेंगे। बाजारों व उद्योगों से लाभ होगा। लोग यहां रोजगार के नए अवसर तलाश पाएंगे।

कोट्स
जिलों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए बेहतर नीति से काम किया जा रहा है। इसका लाभ दोनों शहरों को मिले, इसलिए टीम को मिलकर काम करने की जरूरत है।

  • संजय मस्के, सीई, पीडब्ल्यूडी