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मैनिट में रैगिंग- शिकायत के चार दिन बाद भी पीडि़त विद्यार्थी से नहीं मिला प्रशासन, अवकाश का बहाना

हॉस्टल नंबर 10 में रहने वाले जूनियर्स दहशत में, इसी ब्लॉक में रहते हैं सीनियर्स

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भोपाल

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Sunil Mishra

Nov 13, 2019

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भोपाल/ मैनिट के हॉस्टल में सीनियर्स की ओर से जूनियर्स की रैगिंग लेने के मामले में प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। 8 नवंबर को यूजीसी की हेल्प लाइन में नामजद शिकायत दर्ज होने के बावजूद मैनिट प्रशासन ने घटना और शिकायत के चौथे दिन यानि मंगलवार को भी पीडि़त से मुलाकात नहीं की।

एंटी रैगिंग कमेटी के चैयरमेन प्रोफेसर आरएन यादव ने बताया कि लगातार अवकाश के चलते कार्यालय खुल नहीं रहे हैं इसलिए इस मामले में विधिवत कार्रवाई शुरू नहीं हो पा रही है। यादव के मुताबिक इस मामले में बुधवार को जूनियर्स के हॉस्टल में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की जाएगी और पीडि़त विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें राहत दिलाई जाएगी।

उल्लेखनीय है कि 8 नवंबर को हुई शिकायत में बीई फस्र्ट ईयर में पढऩे वाले विद्यार्थियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 10 नंबर हॉस्टल में रहने वाले सीनियर्स उनसे शराब के पैग बनवाते हैं। नशा होने के बाद वे जूनियर्स को अश्लील डांस करने के लिए प्रताडि़त करते हैं। पिछले दिनों ऐसा नहीं करने पर सीनियर्स ने जूनियर्स विद्यार्थियों को परिसर में दौड़ाकर मारा था।

उल्लेखनीय है कि मैनिट के 10 नंबर हॉस्टल में चार ब्लॉक हैं। ए और बी ब्लॉक में जूनियर्स रहते हैं जबकि सी एवं डी ब्लॉक में सीनियर्स रहते हैं। जूनियर्स कई बार सीनियर्स से अलग रहने की मांग कर चुके हैं। मैनिट में आए दिन रैगिंग की शिकायती आती रहती हैं। लेकिन मेनिट प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से रैगिंग करने वाले छात्रों के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं। इससे भी लगातार ऐसी घटनाएं बढ रही हैं।