
ragging in rgpv
भोपाल. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के यूआईटी कैंपस में इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन की पढ़ाई करने वाले 50 से ज्यादा सेकंड ईयर विद्यार्थियों को थर्ड ईयर में पढऩे वाले स्टूडेंट्स ने क्लास से निकालकर जमकर पीटा। प्रबंधन से शिकायत करने पहुंचे सेकंड ईयर के विद्यार्थियों ने मारपीट एवं रैगिंग लिए जाने की शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। यूआईटी के डायरेक्टर सुधीर भदौरिया ने बताया कि दोनों पक्षों ने लिखित में अपना अपना स्टेटमेंट जमा करवाया है, अब सोमवार को दोनों पक्षों से एक बार फिर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद यह तय होगा कि जूनियर विद्यार्थियों के साथ रैगिंग ली गई है या फिर आपस में हुए मनमुटाव की वजह से दोनों पक्षों में मारपीट हुई है।
शहर में जूनियर विद्यार्थियों के साथ मारपीट एवं रैगिंग की 10 दिन के अंदर यह दूसरी बड़ी वारदात है। मौलाना आजाद नेशनल टेक्निकल यूनिवर्सिटी में पढऩे वाले जूनियर विद्यार्थियों को सीनियर्स ने जमकर पीटा था। शनिवार को ही शहर के एक निजी विश्वविद्यालय में भी रैगिंग का मामला सामने आया। पीडि़त विद्यार्थी रातीबड़ स्थित निजी विश्वविद्यालय में बीएससी नर्सिंग फस्र्ट ईयर का विद्यार्थी है। उसका कहना है कि रैगिंग लेने के इरादे से अमित सिंह नाम के सीनियर ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे बुरी तरह अपमानित किया एवं मारपीट की।
आरजीपीवी का ये है मामला
यूआईटी कैंपस सेकंड ईयर कक्षा में इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्युनिकेशन के विद्यार्थी नियमित कक्षा में बैठे हुए थे। थर्ड ईयर के कुछ विद्यार्थी गाली गलौज करते हुए कक्षा में आए एवं 50 से ज्यादा जूनियर विद्यार्थियों को अपने साथ लेकर कैंटीन के पास बने गार्डन में ले गए। यहां जूनियर विद्यार्थियों के साथ सीनियर्स ने जमकर मारपीट की एवं उन्हें अपने इशारे पर नाचने के लिए कहा। कुछ जूनियर विद्यार्थियों ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में लात घूंसे चले जिसमें कई विद्यार्थियों को चोट आई। जूनियर विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि आरजीपीवी कैंपस के अंदर भेल नाम से एक ग्रुप चलाया जा रहा है। इस ग्रुप के विद्यार्थी जानबूझकर अपना आतंक फैलाने के लिए मारपीट की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
मैनिट में भी ऐसे हुई थी रैगिंग
मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में फस्र्ट और सेकंड ईयर स्टूडेंट्स के साथ रैगिंग का मामला सामने आया है। सीनियर्स उन्हें लगातार थप्पड़ मारते हैं, साथ ही उन पर स्मोकिंग के लिए भी दबाव बनाया जाता है। थर्ड ईयर के छात्र जूनियर्स को कैंपस के बाहर रेस्टोरेंट्स और कैफे तक में जाने नहीं दे रहे। यह शिकायत 31 मार्च को ऑनलाइन की गई थी। जिसके बाद नई दिल्ली से जांच के निर्देश मैनिट की एंटी रैगिंग कमेटी को दिए गए।
मामले की जानकारी मिली है। मारपीट हुई है या रैगिंग हुई है। इसकी जांच के लिए सोमवार को दोनों पक्षों के बयान लिए जाएंगे।
सुधीर भदौरिया, डायरेक्टर, यूआईटी, आरजीपीवी
Published on:
09 Apr 2022 11:13 pm
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