
भोपाल. भास्कर समूह पर छापों के बाद गुरुवार को आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन टीम ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। आयकर विभाग ने सरकार बैंककर्मी और अफसरों की भूमिका के बारे में मिले दस्तावेजों को भी साझा किया है। इस मामले में केन्द्र और राज्य सरकार के कुछ अफसरों से पूछताछ की जा सकती है।
छापे में मिले दस्तावेजों के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) और जीएसटी के बाद अब सेबी और सीबीआइ की टीमों के सक्रिय होने की सूचना है। आयकर विभाग की इन्वेस्टगेशन विंग रीजनलइकोनॉमिक इंटेलिजेंस कमेटी की बैठक में सभी इन्फोर्समेंट एजेंसियों से इन दस्तावेजों को साझा करेगी।
इस काम में मुंबई के अलावा दिल्ली और मध्यप्रदेश के आइटी अफसरों को लगाया जाएगा, क्योंकि भास्कर समूह के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर आठ दिन चली छापों की कार्रवाई में बड़ी मात्रा में दस्तावेज मिले हैं। प्रदेश के इतिहास में संभवत: आठ दिन तक किसी भी समूह पर छापे की कार्रवाई नहीं चली है। आयकर अफसर इसे सफल कार्रवाई बता रहे हैं।
भास्कर और अन्य कम्पनियों से की जाएगी पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, छापे में मिले दस्तावेजों के आधार पर सवालों की सूची तैयार करने का काम शुरू हो गया है। दस्तावेजों के संबंध में भास्कर समूह की कंपनियों और डायरेक्टरों से सवाल पूछे जाएंगे।
ईडी ने मांगी थी जानकारी
छापे के बाद विदेशों से जुड़े निवेश के दस्तावेज मिलने से प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी सक्रिय हो गया। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग ने ईडी के अधिकारियों को कुछ जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। इसके आधार पर ईडी भी अपने स्तर पर जांच पड़ताल और विदेशों से जानकारी हासिल करना शुरू कर दिया है। इस समूह के डीबी पावर में विदेशी पैसे का निवेश होना बताया गया है।
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Published on:
30 Jul 2021 08:21 am
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