भोपाल से चलकर जोधपुर जाने वाली गाड़ी संख्या 14814 में सवार यात्री जब जयपुर पहुंचे तो अनजाने में उनका कोर्ट ट्रेन के एसी कंपार्टमेंट में छूट गया। ट्रेन के निकलने के बाद यात्री ने जानकारी जोनल रेल उपभोक्ता समिति सदस्य बृजेश सिंह चौहान को भेजी। चौहान ने तत्काल ये खबर भोपाल डीआरएम कोटा डीआरएम एवं जयपुर के डीआरएम को भेजी।
भोपाल डीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय एवं स्टेशन प्रबंधक राजेश रैकवार की टीम ने इस मामले में निर्देशन देकर यात्री का कंपार्टमेंट में छूटा हुआ कोर्ट सुरक्षित वापस दिलवाया। 24 घंटे के अंदर इस पूरे घटनाक्रम में जोनल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य एवं रेल कर्मियों की तत्परता से यात्री का खोया हुआ सामान उन तक वापस पहुंच सका। जयपुर स्टेशन पर उतरे यात्री बृजेश सिंह चौहान ने बताया कि कोर्ट के जेब में जरूरी पेपर रखे हुए थे जिनका मिलना बहुत ही ज्यादा जरूरी था।
ये है पूरा मामला
बृजेश सिंह चौहान 14 जनवरी को गाड़ी संख्या 14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस गाडी में बी-1, सीट न. 60 पर सफर कर रहे थे। भोपाल से जयपुर आते ही गाड़ी के रुकने के दौरान किसी से फोन पर बात करते-करते उतर गये और अपने गन्तव्य को पहुंच गये। पहुंचने के बाद जब सामान देखा तो कोट सूट नहीं था। उसमें कीमती पेपर भी रखे हुये थे। उन्होंने जेडआरयूसीसी मेम्बर सुनील आचार्य (गुना) को फोन लगाया और सारी समस्या बताई और उन्हें टिकिट भी भेजा। आचार्य ने सूचना आगे भेजी। कोटा डीआरएम का संदेश आया कि गाड़ी कोटा मंडल से निकल गयी। उन्होनें जयपुर डीआरएम को संदेश दिया। पता चला कि गाडी वहां से भी निकल चुकी थी। इसके बाद भोपाल डीआरएम एवं रेलवे स्टेशन मैनेजर की टीम ने जोधपुर बात की और अटेंडर मान सिंह के मार्फत सामान सुरक्षित वापस लौटवाया।