
सार्वजनिक स्थानों से चोरी हो रही रैलिंग, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
जिस हिस्से में रैलिंग काटी जा रही है, वहां सुरक्षा के कोई इंंतजाम नहीं होने का लाभ चोर व आसामाजिक तत्व खूब उठा रहे हैं। एमपी टूरिज्म में मोतिया तालाब के सौंदर्यकरण के रूप में करीब 5 करोड़ की लागत से तालाब के चारों ओर सौंदर्यकरण के रूप में इसे लगाया था। जिसका मेंटेनेंस नगर निगम के अधीन है। पड़ताल में सामने आया कि अस्पताल स्ट्रीट के सामने तो लोगों की भीड़ होने के कारण इस लाइन की रैलिंग नहीं काटी गई है,लेकिन तालाब के दूसरे साइड बेनजीर पैलेस साइड की अधिकांश रैलिंग लोग काटकर ठिकाने लगा चुके हैं। तालाब की सफाई और देखरेख करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि सारी चोरियां रात में हुई है। इसे लेकर पुलिस में झील संरक्षण विभाग ने रिपोर्ट भी दर्ज कराई है,लेकिन चोरी करने वाले पकड़े नहीं गए हैं।
-वेनजीर ग्राउंड की भी चिंता नहीं
हमीदिया अस्पताल के निर्माण के दौरान बेनजीर ग्राउंड पर मजदूरों के शेड बने हुए थे। जिसमें सैकड़ों कर्मचारी रहते थे। उनके जाने के बाद इस हिस्से में रात में सन्नाटा पसरा रहता है। वादा किया गया था कि ग्राउंड को पहले जैसा बच्चों के खेलने के लिए बनाकर दिया जाएगा,लेकिन इसे खंडहर बनाकर छोड़ दिया गया है। जिम्मेदार इसे दुरुस्त तक नहीं कर रहे हैं।
रात में आसामाजिक तत्व सक्रिय
जिस हिस्से में रैलिंग लाइन से काटी गई है। यहां रात के समय इनता अंधेरा व सन्नाटा रहता है कि लोग इस मार्ग से गुजरने से भी डरते हैं। लोगों के साथ लूट, मारपीट की घटनाएं आमतौर होती रहती है। यहां सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। पुलिस की गश्त कभी कभार ही यहां होती है। आम लोग यहां से नहीं निकलते है। जिसके चलते चोरी करने वाले बेखौफ यहां से रैलिंग काट रहे हैं।
सुरक्षा के इंतजाम नहीं
जिम्मेदारी को यह लापरवाही सिर्फ मोतिया तालाब पर ही देखने को नहीं मिल रही है। वीआईपी रोड़ पर करबला से लालघाटी मार्ग तक कई जगह से रैलिंग लोग तोडकऱ ले गए है। इसके पहले यहां से पत्थर की फर्शियां गायब हो चुकी हैं। वहीं छोटे तालाब से लगे नीलम पार्क, यादगार शाहजहानी में भी लोहे के उपकरण गायब हो गए है। जिम्मेदारों ने इन्हे बनाने के लिए खर्चा तो खूब किया,लेकिन सुरक्षा की व्यवस्था नहीं होने से यह स्थिति बनी हुई है।
इनका कहना
मोतिया तालाब, वीआईपी रोड तो हमारे ही क्षेत्र में आता है। यहां से रैलिंग चोरी होने के बाद कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने का नतीजा यह है कि चोरी करने वाले बेखौफ होते जा रहे हैं। जिम्मेदारों को ध्यान देने की जरुरत है।
-मोहम्मद सऊद, पूर्व पार्षद
दिन में चोरी नहीं होती है, रात के समय इस हिस्से में कोई नहीं रहता है। वैसे इसे लेकर झील संरक्षण शाखा की ओर से रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। हम दिन में तो यहां ड्यूटी होने के कारण निगरानी करते हैं। तालाब की सफाई भी निरतंर जारी है।
-नरेश रजक, तालाब, प्रभारी, नगर निगम
रैलिंग काटने वालों के खिलाफ मामले पुलिस में दिया है। हमारे कोशिश है कि अपराधी जल्द से जल्द पकड़ा जाएं। अन्य व्यवस्था के लिए निगम के कर्मचारी भी रहते हैं।
-संतोष गुप्ता, इंचार्ज व इंजीनियर, झील संरक्षण विभाग
Published on:
29 Mar 2024 06:40 pm
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