इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी ने भोपाल पर किए अपने रिसर्च में पाया कि यह इकलौता ऐसा शहर है, जिसकी बसाहट वैज्ञानिक ढंग से की गई है। एक हजार साल पहले यह शहर जुमेराती गेट, पीर गेट, इब्राहिमपुरा और इतवारा के बीच था। बड़े तालाब के पास यह शहर कैसा हो, सड़कें और चौराहे कहां और कितने हों, चारों तरफ से कैसे सुरक्षित हो, दरवाजे कितने और कहां हों, इसकी विस्तृत डिजाइन खुद राजा भोज (1010 से 1055) ने ही बनाई थी।