
छिंदवाड़ा से लोकसभा चुनाव लड़ाने की घोषणा कर चुके पूर्व सीएम कमलनाथ क्या खुद राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे हैं। दिल्ली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद ऐसी ही कुछ खबरें आ रही हैं। क्योंकि 27 फरवरी को राज्यसभा के चुनाव हैं, जिसमें मध्यप्रदेश से 4 भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी।
कांग्रेस के सीनियर लीडर एवं गांधी परिवार के करीबी कमलनाथ ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मुलाकात में कमलनाथ ने राज्यसभा की सीट अपने लिए मांगी है। तीन दिन पहले ही कमलनाथ ने स्पष्ट कर दिया था कि छिंदवाड़ा से उनके बेटे फिर से नकुलनाथ लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। माना जा रहा है कि बेटे की उम्मीदवारी के लिए भी कमलनाथ ने सोनिया गांधी से चर्चा की है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद भी छोड़ दिया। अब वे सिर्फ छिंदवाड़ा से विधायक है।
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कमलनाथ ने विधायकों को डिनर पर बुलाया
कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा के लिए कमलनाथ 15 फरवरी को नामांकन भर सकते हैं। इससे पहले कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों को डिनर पर बुलाया है। यह डिनार पार्टी 13 फरवरी को कमलनाथ के भोपाल स्थित बंगले पर होगी।
राज्यसभा की पांच सीट खाली
27 फरवरी को राज्यसभा के चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा तेज कर दी है। भाजपा ने भी चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक के बाद चार नामों को दिल्ली भेजा है। वहीं कांग्रेस की एक सीट के लिए भी तैयारी चल रही है। मध्यप्रदेश की पांच राज्यसभा सीटें 2 अप्रैल को खाली हो रही है। जबकि एमपी की पांच सीटों के साथ ही देशभर की 56 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। इसके लिए 15 फरवरी को नामांकन, 16 फरवरी को नामांकन की जांच, 20 फरवरी तक नाम आपसी और 27 फरवरी के बाद नतीजे आएंगे। इस बार मतदान मतपत्रों के जरिए करवाया जाएगा और सभी 230 सदस्य वोटिंग का हिस्सा होंगे।
इन नेताओं का कार्यकाल समाप्त होगा
मध्यप्रदेश से राज्यसभा में गए सांसद धर्मेंद्र प्रधान केंद्र की मोदी सरकार में शिक्षा मंत्री हैं। उनका कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है। भाजपा के कैलाश सोनी, अजय प्रताप सिंह, थावरचंद गहलोत, धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल 2 अप्रैल 2024 को खत्म हो रहा है। इनके अलावा कांग्रेस के राजमणि पटेल का कार्यकाल 2 अप्रैल 2024 को खत्म हो रहा है। थावरचंद गहलोत राज्यपाल बनाए गए थे, उसके बाद से यह पद खाली है।
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Published on:
10 Feb 2024 03:02 pm
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