7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Video: दो बहनों को 16 साल ​बाद मिला ऐसा गिफ्ट, जो उन्हें तां उम्र रहेगा याद…

16 साल बाद ही एक बार फिर...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Deepesh Tiwari

•

Updated: 27 Jul 2018, 8:39 PM IST

raksha bandhan Special

Video: दो बहनों को 16 साल ​बाद मिला ऐसा गिफ्ट, जो उन्हें तां उम्र रहेगा याद...

रायसेन। इस साल प्रदेश की दो बेटियों को रक्षाबंधन पर ऐसा उपहार मिलने जा रहा हे, जिसे वे तां उम्र याद रखेंगी। जी हां रायसेन जिले की ये दोनों बेटियां करीब 16 साल बाद अपने परिवार से मिल पा रही हैं। इसके साथ ही वे 16 साल बाद ही एक बार फिर अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। साथ ही ईश्वर से उसकी रक्षा का आशीर्वाद मांगेंगी।

अपने परिवार से 16 वर्ष पहले अलग हुई दो बालिकाएं इस बार रक्षा बंधन पर्व पर अपने भाई रामबाबू को राखी बांध सकेगी। अभी तक बच्चियां सेंट फ्रांसिस सेवाधाम आश्रम सागर में रहती थी। बाल कल्याण समिति रायसेन के प्रयासों से बालिकाओं को उनका परिवार मिल सका है।

बाल कल्याण समिति अध्यक्ष संदीप दुबे और डॉ. एचबी सेन ने बताया कि लगभग 16 वर्ष पहले बालिकाओं के पिता की मृत्यु के बाद उनके ताऊ सीताराम आदिवासी द्वारा उन्हें सेंट फ्रांसिस सेवा धाम आश्रम सागर में भेज दिया था। तब से बालिकाएं वही रहती थी, बाल कल्याण समिति को जब इस बारे में मालूम हुआ कि रायसेन जिले की बच्चियां वहां पर हैं, तो उनके पुनर्वास के लिए प्रयास कर उन्हें वहां से मुक्त कराया।

उन्होंने बताया कि जब चाइल्ड लाइन ने बालिकाओं को समिति के समक्ष पेश किया और काउंसिलिंग की गई तो यहां का वातावरण बालिकाओं के अनुकूल नहीं दिखा बालिकाओं को अस्थाई रूप से बालिका ग्रह भोपाल भेज दिया गया था। जबकि बालिकाओं की निरंतर काउंसिलिंग की गई और परिवार में पुनर्वास के अनुकूल पाया गया।

इसके बाद शुक्रवार को राज्य महिला आयोग की जिला सखी मंजू धीरेंद्र सिंह कुशवाह के समक्ष बालिकाओं के भाई रामबाबू ओर भाभी जानकी आदिवासी के सुपुर्द कर दिया गया हैं। बालिकाएं सिलवानी तहसील की रहने वाली हैं। दोनों बालिकाएं भी अपने परिवार से मिलकर बहुत खुश हैं।

दोनों बहनें हैं बहुत खुश:
परिवार से दोबारा मिलने की खुशी दोनों बहनों के चेहरे पर साफ दिखाई देती है। 16 साल कई तरह की परेशानियों को झेलने के बाद एक बार फिर परिवार के बीच इस रक्षाबंधन को मनाने को लेकर भी दोनों काफी उत्साहित हैं। वहीं बाल कल्याण समिति से जब इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि अपने भाई से मिलने की बात सुनते ही दोनों बहनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक जाते थे।