बाल कल्याण समिति अध्यक्ष संदीप दुबे और डॉ. एचबी सेन ने बताया कि लगभग 16 वर्ष पहले बालिकाओं के पिता की मृत्यु के बाद उनके ताऊ सीताराम आदिवासी द्वारा उन्हें सेंट फ्रांसिस सेवा धाम आश्रम सागर में भेज दिया था। तब से बालिकाएं वही रहती थी, बाल कल्याण समिति को जब इस बारे में मालूम हुआ कि रायसेन जिले की बच्चियां वहां पर हैं, तो उनके पुनर्वास के लिए प्रयास कर उन्हें वहां से मुक्त कराया।