पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव पद से हटाए जाने के बाद रमेश थेटे पहले ही सरकारी आवास और गाड़ी छोड़ चुके हैं। मंगलवार को लगभग घंटा भर उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग में बिताया और कुछ लोगों से भी मिले। रमेश थेटे पहले ग्रामीण विकास सचिव थे, लेकिन अब वे मंत्रालय में ओएसडी हैं। उनका ऑटो से आना इसी विरोध से जोड़कर देखा जा रहा है।