गुरुवार को नौकरशाहों के खेमे सहित मंत्रालय और मुख्यमंत्री निवास में हलचल रही। सुबह जहां निलंबित आईएएस शशि कर्णावत को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीएम हाउस बुला लिया, तो दोपहर में थेटे ने आत्महत्या की चेतावनी देकर हलचल मचा दी। थेटे ने आईएएस गेस्ट हाउस पर पत्रकार वार्ता बुलाई, लेकिन एेन मौके पर उन्हें रोक दिया गया। इस पर थेटे गेस्ट हाउस के बाहर ही सड़क किनारे पेड़ के नीचे बैठ गए। यहां थेटे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जुलानिया भ्रष्ट अफसर हैं। साथ ही जातिवादी मानसिकता से काम करते हैं। यह सरकार उन्हें दूसरा रोहित वेमूला बनने को मजबूर कर रही है।