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MP में इस IAS ने लगाए सीएम शिवराज पर गंभीर आरोप, सुसाइड के धमकी दी

रमेश थेटे ने दी खुदकुशी की धमकी, लिफाफे में नाम रखे, बोले- ये लोग ही होंगे मौत के जिम्मेदार 

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Krishna singh

Jul 15, 2016

Ramesh Thete

Ramesh Thete

भोपाल. मध्य प्रदेश में सरकार और IAS अफसरों के बीच तनातनी बढती जा रही है। ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया के खिलाफ उसी विभाग के सचिव रमेश थेटे के बगावती तेवरों ने नया मोड़ ले लिया है। गुरुवार को थेटे ने सड़क किनारे पेड़ के नीचे बैठकर चेतावनी दी कि सरकार मुझे दूसरा रोहित वेमूला बनने को मजबूर कर रही है। थेटे की आत्महत्या की धमकी के बाद सरकार में हलचल रही। मुख्य सचिव अंटोनी डिसा ने भी पूरे मामले की जानकारी ली।


गुरुवार को नौकरशाहों के खेमे सहित मंत्रालय और मुख्यमंत्री निवास में हलचल रही। सुबह जहां निलंबित आईएएस शशि कर्णावत को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीएम हाउस बुला लिया, तो दोपहर में थेटे ने आत्महत्या की चेतावनी देकर हलचल मचा दी। थेटे ने आईएएस गेस्ट हाउस पर पत्रकार वार्ता बुलाई, लेकिन एेन मौके पर उन्हें रोक दिया गया। इस पर थेटे गेस्ट हाउस के बाहर ही सड़क किनारे पेड़ के नीचे बैठ गए। यहां थेटे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जुलानिया भ्रष्ट अफसर हैं। साथ ही जातिवादी मानसिकता से काम करते हैं। यह सरकार उन्हें दूसरा रोहित वेमूला बनने को मजबूर कर रही है।


उन्होंने एक लिफाफा बंद करके अपनी अलमारी में रख दिया है, जिसमें कुछ नाम व कागज हैं। यदि उनकी मौत हो जाती है तो यह लिफाफा खोला जाए और उसमें लिखे नाम ही मौत के जिम्मेदार होंगे। थेटे ने दोपहर में चेतावनी दी कि शाम तक यदि नोटिस वापस नहीं लिया गया तो वे अजाक थाने में जाकर एफआईआर कराने का कदम उठाने पर मजबूर हो जाएंगे। इसके बाद से मंत्रालय में हलचल रही। अफसरों से मंथन के कई दौर चले। सीएम और सीएस के बीच भी इस पर चर्चा हुई।


मुख्यमंत्री से मिलीं कर्णावत
इधर निलंबित आईएएस शशि कर्णावत ने थेटे घटनाक्रम के पहले गुुरुवार को अपनी मां के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। कर्णावत ने विधानसभा सत्र के पहले तक समस्या हल करने की बात कही। सीएम ने समस्या हल करने का आश्वासन दिया। यह भी कहा कि कोई भी निर्णय सोच-समझकर लेना। कर्णावत की केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते से भी बात हुई।

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