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बेलदार समाज को दें प्रतिनिधित्व

महासम्मेलन : समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने उठाई मांग

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बेलदार समाज को दें प्रतिनिधित्व

भोपाल. मुख्यमंत्री निवास पर मंगलवार को आयोजित बेलदार समाज के महासम्मेलन में समाज के लोगों ने प्रतिनिधित्व की मांग रखी। समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन देकर कहा कि बेलदार समाज को सत्ता और संगठन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले। समाज का एक भी जनप्रतिनिधि नहीं है। प्रदेश में समाज की आबादी 10 लाख है।

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिनिधित्व की बात मैं इसलिए नहीं कह सकता क्योंकि मैं खुद भी बेलदार हूं। हम लोग मिलकर ऐसी व्यवस्था करेंगे कि समाज का एक प्र्रतिनिधि ऐसा हो जाए, जो समाज की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाए, ताकि हम उसका समाधान करवा पाएं।

समाज द्वारा समाज भवन के लिए भूमि आवंटन संबंधी आवेदन को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के कारण हम जमीन किसी भी समाज को नहीं दे सकते। फिर भी इस आवेदन पर नियमानुसार सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा।

इससे पहले सीएम ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज के लोग संबल योजना में पंजीयन कराएं। इस योजना में 200 रुपए फ्लैट रेट पर बिजली, बच्चों की शिक्षा के लिए फीस राज्य सरकार द्वारा भरवाने जैसे अनेक कल्याणकारी प्रावधान किए गए हैं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष वेंकटेश मौर्य, प्रांताध्यक्ष गोकुल प्रसाद भाटिया, हेमू सिंह, संतोष मजोका सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान
इस मौके पर समाज के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसमें 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले समाज की छात्रा साक्षी कामराय, अंश गिरि सहित तीन अन्य विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। इसी प्रकार 70 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले 30 से अधिक विद्यार्थियों को भी कार्यक्रम में उपस्थित नगरीय प्रशासन मंत्री लालसिंह आर्य द्वारा सम्मानित किया गया। इस मौके पर समाज की ओर से मुख्यमंत्री का सम्मान किया गया।


अधिकारी करते हैं जाति प्रमाण-पत्र बनाने में आना कानी
बेलदार समाज के प्रांताध्यक्ष गोकुल प्रसाद भाटिया ने बताया कि बेलदार समाज अनुसूचित जाति में आता है। राजस्व रिकार्ड में हुई गलती के कारण बेलदार समाज के जाति प्रमाण-पत्र बनाने में अधिकारी आना कानी करते हैं। ऐसे भी मामले हैं कि एक परिवार के एक सदस्य को राजपूत, एक को सिंधी और एक को बाहवलपुरी बताया गया है। इसके लिए हम 20 सालों से संघर्ष कर रहे हैं।

इस संबंध में हमने शासन से मांग की थी। शासन के अनुसंधान में स्पष्ट हो चुका है कि ये पाकिस्तान से विभाजन के समय आए बेलदार ही हैं। इसके बाद भी अधिकारी परेशान करते हैं। जाति प्रमाण-पत्र बनाने के लिए विशेष शिविर के बाद समाज को काफी राहत मिलेगी।