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भोपाल। भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने सिर्फ 6 प्रोजेक्टों को अनुमति देने योग्य पाया है। जबकि पिछले करीब 6 माह के अंदर सौ से अधिक बिल्डरों ने 256 नए प्रोजेक्टों को लांच करने के लिए रेरा से अनुमति मांगी थी। रेरा ने 250 प्रोजेक्टों में तमाम तरह की कमियां और शर्तों के अनुसार प्रोजेक्ट प्लान नहीं पाए जाने पर उन्हें ठंडे बस्ते में डालते हुए बिल्डरों को कमियों को पूरा करने के लिए कहा है।
रेरा अध्यक्ष एपी श्रीवास्तव ने एक हफ्ते पहले नए प्रोजेक्टों के स्वीकृति के संबंध जुड़ी फाइलों की जांच पड़ताल की। जांच पड़ताल में पाया कि कई ऐसे प्रोजेक्टों को तकनीकी शाखा से स्वीकृति दी गई गई थी, जो ले-आउट, भवन अनुज्ञा, प्रोजेक्ट प्लानिंग निर्धारित शार्तों और मानदंडों के अनुसार नहीं पाए गए थे। हालांकि अध्यक्ष की समीक्षा और जांच पड़ताल के बाद तकनीकी सदस्य और शाखा में इसका परीक्षण किया था और इन प्रस्तावों को स्वीकृति दे दी थी।
दो पूराने प्रोजेक्टों की जांच
रेरा में अब नए प्रोजेक्टों के साथ पूर्व अध्यक्ष एंटोनी डिसा के समय से लंबित करीब दो सौ प्रोजेक्टों की अनुमति के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बताया जाता है कि कई प्रोजेक्टों में सबसे ज्यादा जो गड़बडिय़ा ले-आउट प्लान, भवनों के नक्शे को लेकर सामने आई हैं। इस मामले में अध्यक्ष टीएनसीपी के अधिकारियों द्वारा दी जा रही अनुमतियों का भी परीक्षण कर रहे हैं, जिसमें कई कमियां मिली हैं। रेरा इन्हें भी सरकार के संज्ञान में लाएगा।
तकनीकी शाखा पर भी कसा सिकंजा
अध्यक्ष एपी श्रीवास्तव ने प्रोजेक्टों के तकनीकी पहलुओं के परीक्षण करने वाली शाखा पर भी सिकंजा कस दिया है। अध्यक्ष ने तकनीकी सदस्य एसएस राजपूत को तकनीकी प्रोजेक्टों की फाइलें बारीकी से परीक्षण करने के लिए नसीहत दी है। उन्होंने रेरा स्तर पर किसी तरह की लापरवाही नहीं करने के लिए भी सदस्यों और कर्मचारियों से कहा है। रेरा प्रोजेक्टों की अनुमति देने और आपत्तियों के निराकरण के लिए भी समय सीमा निर्धारित करने की तैयारी कर रहा है।
Published on:
03 Aug 2021 10:34 pm
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