
भोपाल। इसके तहत छात्र को कंप्यूटर पर पेपर हल करना होगा। साथ ही उनकी आंसरशीट कोई प्रोफेसर नहीं, बल्कि कम्प्यूटर ही चेक करेगा साथ ही पेपर को सबमिट करते ही स्क्रीन पर उसके प्राप्तांक भी दिखा देगा। यही अंक तुरंत टेबुलेशन रिकाॅर्ड में दर्ज हो जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी, साथ ही इससे रिजल्ट भी जल्द घोषित हो सकेगा।
प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी होने के कारण रिवैल्यूएशन और चैलेंज जैसी प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। आरजीपीवी (RGPV Engineering College) ऑनलाइन एग्जाम पैटर्न को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस साल यूआईटी-आरजीपीवी में बीटेक प्रथम सेमेस्टर के एक पेपर में लागू करने जा रहा है।
प्रयोग सफल होने पर इसे सभी संबद्ध कॉलेजों में लागू किया जाएगा। इससे पहले विवि ऑनलाइन प्रेक्टिकल की व्यवस्था लागू कर चुका है।
हालांकि, काॅलेजों की ओर से इसे बहुत ज्यादा सहयोग नहीं मिल पाया था। कुलपति डॉ. सुनील कुमार के अनुसार ऑनलाइन एग्जाम पैटर्न (RGPV Conduct Online Exam)के लिए विवि प्रश्न बैंक तैयार कर रहा है। सर्वर में हजारों प्रश्न डिपोजिट रहेंगे। एग्जाम के समय सॉफ्टवेयर रेंडम तरीके से सवालों का चयन कर छात्रों को देगा। इसके लिए पूरा सिस्टम डिजाइन किया जा रहा है। एग्जाम की सारी प्रक्रिया ही ऑनलाइन होगी।
पेपर हल करने से लेकर चैक करने और रिजल्ट तैयार करने तक ऑनलाइन सिस्टम (Online Exam)काम करेगा। इस नए बदलाव से विवि की पूरी परीक्षा प्रणाली बदल जाएगी। इसका फायदा छात्रों और कॉलेजों दोनों काे ही होगा।
यह होगा फायदा :
विवि से संबद्ध कॉलेजों में संचालित पाठ्यक्रमाें में अभी 2 लाख छात्र अध्ययनरत हैं। हर सेमेस्टर में करीब 8 लाख कॉपियों का उपयोग होता है। एक साल में 16 लाख कॉपियां परीक्षा में लग जाती हैं। विवि के अधिकारियों की मानें तो ऑनलाइन एग्जाम से हर साल लगभग 16 लाख कापियों में लगने वाला कागज बचेगा। इससे पहले पीईबी द्वारा ऑनलाइन परीक्षाओं(Engineering College and University Conduct Online Exam) के लिए हजारों प्रश्नों का बैंक तैयार किया गया है, जिनका चयन रेंडम तरीके से किया जाता है।
Published on:
14 Oct 2017 04:01 pm
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