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सोने से पहले पढ़ लें यह खबर कहीं आ न जाए मौत

वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में यमलोक स्थित है और यदि आप सोते समय अपने पाँव दक्षिण दिशा की ओर कर के सोते हैं तो...

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Juhi Mishra

Aug 05, 2017

भोपाल। क्या आप जानते हैं कि यमलोक का दरवाजा किस दिशा में है? यदि नहीं तो जान लें, क्योंकि यदि आप उसी दिशा में सोते हैं तो आप पर मंडरा रहा है मौत का साया। फेंग शुई के अनुसार कभी भी दरवाजे के सामने नहीं सोना चाहिए। यह मौत का परिचायक माना जाता है। यही वजह है कि चीन में मृत व्यक्ति के शव को दरवाजे पर ही रखा जाता है। इस बात से आप समझ सकते हैं कि आखिर क्यों नींद को लेकर वास्तु से लेकर फेंगशुई तक में कई बातों का ध्यान रखने को कहा गया है।

दक्षिण दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में यमलोक स्थित है और यदि आप सोते समय अपने पाँव दक्षिण दिशा की ओर कर के सोते हैं तो इसका मतलब है कि आप यमलोक की ओर जा रहे हैं।इसलिए दक्षिण दिशा को नकारात्मक ऊजाज़् की दृष्टि से देखा जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो उत्तर और दक्षिणी ध्रुव जब मिलते है तो वहाँ चुम्बकीय ऊजाज़् प्रवाहमान होती है। इसीलिए उत्तरसे दक्षिणी दिशा की ओर चुम्बकीय ऊर्जा विद्यमान होती है।

दक्षिण दिशा की ओर पैर करके सोने से हमारे शरीर में चुम्बकीय ऊर्जा प्रवाहित होती है और जब हम सुबह उठते है तो शरीर को थका थका सा महसूस होता है। शारीरिक ऊर्जा क्षीण हो जाती है जबकि दक्षिण दिशा ओर सिर रखकर सोने से इस तरह की कोई अनुभूति नही होती।

पश्चिम दिशा
पश्चिम दिशा की ओर सिर रखकर नही सोना चाहिए। वास्तुशास्त्र के अनुसार पूवज़् दिशा में सूयज़् देव और अन्य सभी देवी-देवताओ का वास होता है। यदि हम पश्चिम दिशा में सिर रखकर सोयेंगे तो पूवज़् दिशा की ओर हमारे पैर होंगे और देवी-देवताओ की ओर पैर करके सोना अशुभ माना गया है जिससे नकारात्मक ऊजाज़् का संचार होता है। पश्चिम दिशा की ओर सिर रखकर सोने से बुरे बुरे सपने आते है और मन में बेचैनी रहती है। अत: पश्चिम दिशा की ओर सिर रखकर कभी नही सोना चाहिए।

उत्तर दिशा
वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अनुसार उत्तर दिशा में धनात्मक या सकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित होती है। चूँकि हमारे सिर में भी धनात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और पैरो से ऋणात्मक ऊर्जा का निकास होता है। यह भी दिशा बताने वाले चुम्बक के नियम के समान कार्य करता है कि धनात्मक प्रवाह वाले आपस में मिल नहीं सकते।

यदि हम अपने सिर को उत्तर दिशा की ओर रखेंगे तो उत्तर दिशा की धनात्मक शक्ति और सिर की धनात्मक तरंग एक दूसरे से विपरित भागेगी जिससे हमारे मस्तिष्क में बेचैनी बढ़ जाएगी और फिर नींद अच्छे से नहीं आएगी।

पूर्वं दिशा
पूर्वं दिशा वास्तु के अनुसार सोने के लिए बहुत अच्छी मानी गयी है। पूर्व दिशा की ओर सिर करके सोने से ध्यान,एकाग्रता,आध्यात्मिकता और स्मृति में वृद्धि होती है। एक विद्यार्थी के लिए तो पूर्व दिशा में सिर रखकर सोना बहुत ही गुणकारी माना गया है। अत: पूर्व दिशा की ओर सिर रखकर सोना सबसे लाभप्रद माना गया है।