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पिता की अंगुली छोड़ मां की गोद में बैठा मासूम, मौत ने छीन ली मां-बेटे की जिंदगी

दर्दनाक हादसा: घर जाने के लिए ऑटो कराया था बुक, जल्दी के चक्कर में बेटे को लेकर पत्नी चली गई रिश्तेदार के साथ

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भोपाल। तीन साल का मासूम तनिष्क पिता की अंंगुली छोड़ मां की गोद में यह सोचकर बैठ गया कि वह जल्दी घर पहुंच जाएगा। मां भी उसकी आंखों में नींद देख उसे गोद में छुपाकर अपने गुरुभाई के साथ बाइक में बैठ गई। पर किसे पता कि यह नींद दोनों की आखिरी है। तीनों घर पहुंचने ही वाले थे कि पीछे से ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा भी इतना दर्दनाक हुआ कि दोनों के उपर से ट्रक का अगला पहिया गुजर गया।

यह हादसा शारदा नगर निवासी मनोज विश्वकर्मा के परिवार के साथ हुआ। मनोज गंजबासौदा में कोरियर कंपनी में काम करते हैं। शनिवार को वे पत्नी रंजीता, बडे बेटे वंश (8) और छोटे बेटे तनिष्क के साथ स्वागत मैरिज गार्डन में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब ग्यारह बजे पत्नी रंजीता बेटे तनिष्क के साथ अपने गुरूभाई भैयालाल की बाइक में बैठकर घर लौट रही थी। तभी रास्ते में दोनों को ट्रक ने कुचल दिया। रंजीता तोमर फार्मा एजेंसी में नौकरी करती थी। उसके मालिक के परिवार में किसी की शादी थी, जिसमें शामिल होने के लिए वह परिवार समेत गई थी।

मां के साथ जाने के लिए जिद करने लगा
मनोज ने बताया कि मैंने घर जाने के लिए ऑटो बुक कराया था। दोनों बेटे मेरे पास ही थे। इसी बीच छोटे बेटे तनिष्क को झपकी आने लगी। तभी रिश्तेदार भैयालाल मिल गए। पत्नी रंजीता ने उन्हें घर तक छोडऩे के लिए बोला। रंजीता बाइक में बैठी ही थी कि तनिष्क मेरी अंगुली छोड़ मां के साथ जाने की जिद करने लगा। मैंने भी उसे मां की गोद में बिठा दिया। घर पहुंचने से पहले ही हादसा हो गया।

पत्नी को लगाया फोन, मिली मौत की खबर
मनोज ने बताया कि मैरिज गार्डन से निकलने के थोड़ी देर बाद मैंने पत्नी को फोन लगाया। फोन भैयालाल ने उठाया। वे फोन पर ही फफक-फफककर रोने लगे। भैयालाल ने बताया कि ट्रक ने रंजीता और तनिष्क को टक्कर मार दी है। मैं तुरंत बड़े बेटे वंश के साथ घटना स्थल पर पहुंचा।

मौत को करीब से देखा: भैयालाल
मेरी बाइक पटरी से करीब चार फीट दूर चल रही थी। देवकी नगर फाटक के पास पहुंचे ही थे कि ट्रक ने टक्कर मार दी। मैं रंजीता व उसके बच्चे को संभाल पाता, इससे पहले करीब १० फीट तक बाइक घिसटते हुए गिरी। उठकर देखा तो रंजीता लहूलुहान पड़ी थी। तनिष्क वहां दिख ही नहीं रहा था। लोगों ने देखा तो वह ट्रक के पिछले पहिए के नीचे फंसा था। किसी तरह उसके शव को निकाला गया।

अतिक्रमण की वजह से हो रहे हादसे

मनोज ने बताया कि घटना स्थल के पास सड़क के दोनों तरफ गुमटी और ठेले वालों ने कब्जा कर रखा है। इस वजह से सड़क में जगह कम बचती है। ऐसे में रात 11 बजे जैसे ही नो-एंट्री खुलती है, जल्दबाजी के चक्कर में ट्रक और डंपर तेज रफ्तार से चलने लगते हैं। इस वजह से यहां अक्सर हादसे होते हैं।