
सड़क निर्माण के ठेकेदारों पर कसा शिंकजा, 15 ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड, जांच में जुटी सरकार
भोपाल.मध्य प्रदेश ( madhya pradesh ) में सडक़ निर्माण ( road construction ) में हुए भ्रष्टाचार ( corruption ) पर कमलनाथ सरकार ( cm kamal nath ) शिकंजा कस रही है। भाजपा ( BJP ) शासनकाल में हुए ठेकों की गड़बडिय़ां लगातार खुल रही हैं।
सरकार से भुगतान लेने के बावजूद कई ठेकेदारों ने पूरा काम नहीं किया, बल्कि अधिक भुगतान की गुहार लगाते रहे। इससे डैडलाइन चूक गई। सडक़ निर्माण से लेकर परफॉर्मेंस गारंटी में चूकने तक पर सरकार एक्शन मोड में है। बीते छह महीने में करीब 15 ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई है। उनके लाइसेंस सस्पेंड करने से लेकर ब्लैक लिस्टेड तक के कदम उठाए गए हैं। अधिकतर मामलों में ठेकों का काम भी रद्द कर दिया गया है।
लोक निर्माण मंत्री बनते ही सज्जन सिंह वर्मा ने पुरानी सरकार के कामों की जांच कराने का ऐलान किया था। इसी कड़ी में सडक़ निर्माण के ठेकों पर सख्ती बरतना शुरू किया गया है। जिन कामों में पूर्व से अतिरिक्त मोहलत दी जा रही है, उनकी समीक्षा करना तय किया गया है। इसमें जहां भी ठेकेदार तय सीमा में काम पूरा नहीं कर रहा है, वहां ठेकों को रद्द किया जाएगा।
रेंडम केस: जानिए ठेका कंपनी की गड़बड़ी और हश्र
मेसर्स माहीदीप कंस्ट्रक्शन देवास - हरदा का काम रद्द। फरवरी 2021 तक के लिए ब्लैक लिस्टेड।
मेसर्स जेएमडी कंस्ट्रक्शन शिवपुरी - सीहोर का काम रद्द। फरवरी 2021 तक के लिए ब्लैक लिस्टेड।
मेसर्स गजानन इंटरप्राइजेस राऊ इंदौर - कुडाना मार्ग सितंबर 2018 तक नहीं बना। मार्च-2020 तक सस्पेंड।
मेसर्स वीरेंद्र रघुवंशी विदिशा - जनवरी 2019 में रद्द। जनवरी 2021 तक के लिए ब्लैक लिस्टेड।
मेसर्स राजाभैया कंस्ट्रक्शन- जनवरी 2019 में रद्द। जनवरी 2021 तक के लिए ब्लैक लिस्टेड।
भाजपा सरकार के समय सडक़ों पर जमकर भ्रष्टाचार किया गया। हम सडक़ों का पूरा ऑडिट कराएंगे। जहां गड़बड़ी होगी, वहां पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसका मॉनीटरिंग सिस्टम विकसित कर रहे हैं।- सज्जन सिंह वर्मा, मंत्री, पीडब्ल्यूडी
परफॉर्मेंस गारंटी का होगा ऑडिट
सरकार ने सडक़ों के खेल को पकडऩे के लिए रेंडम जांच कराना भी तय किया है। इसके तहत पेंचवर्क की भी रेंडम जांच होगी। परफॉर्मेंस गारंटी के तहत बनी सडक़ों का ऑडिट भी कराया जाएगा। इसके लिए संभाग स्तर पर विशेष टीमें बनाई गई हैं। परफॉर्मेंस गारंटी के बावजूद सडक़ें नहीं सुधारने वाले ठेकेदारोंपर एक्शन लिया जाएगा। साथ ही अभी जो मरम्मत का काम हो रहा है, उसकी वास्तविकता भी टीमें जांचेंगी। गड़बड़ी मिली तो ठेकेदारों और अफसरों पर कार्रवाई होगी।
आएगा नया मॉनीटरिंग सिस्टम
लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण सडक़ विकास प्राधिकरण, एमपीआरडीसी व नगर निगम सहित कई एजेंसियां सडक़ों का निर्माण करती हैं। इनमें समन्वय न होने के कारण भी गड़बड़ी होती है। पिछली प्रदेश सरकार ने तय किया था कि हर सडक़ पर बोर्ड होगा, जिस पर निर्माण एजेंसी व सडक़ का पूरा डाटा लिखा होगा, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ। अब कांग्रेस सरकार निर्माण एजेंसियों के ऊपर एक सुपर मॉनीटरिंग बॉडी गठित करके समन्वय कराने पर विचार विमर्श कर रही है।
Published on:
03 Jul 2019 11:31 am
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