
सड़क सुरक्षा सप्ताह के पांचवे दिन ट्रैफिक पुलिस ने प्रभात चौराहे पर सेवासदन नेत्र चिकित्सालय के डाक्टरों की टीम के साथ मिलकर यात्री वाहनों के चालकों का नि:शुल्क नेत्र शिविर लगाया। इसमें करीब 126 चालकों का नेत्र परीक्षण किया गया। इसमें 4 चालक मोतियाबिंद के शिकार मिले। जबकि 50 चालकों के चश्मा का नंबर गड़बड़ मिला। दोपहर करीब बारह बजे नेत्र परीक्षण कर रहीं डॉक्टर उमा की टीम ने एक मिनी बस के चालक को मोतिया बिंद बताया। वह घबरा गया।
उसने नेत्र परीक्षण वैन से बाहर उतरते ही साथियों को बताया कि उसे मोतियाबिंद है। उसे अब समझ में आ रहा कि ट्रक उसे दूर से आटो के आकार का क्यों दिखता था। बाइक दूर से नजर ही नहीं आती है। डॉक्टर ने मोतियाबिंद के शिकार चारों चालकों को तुरंत ऑपरेशन के लिए कहा है। इसके साथ ही पुलिस ने भी इन चारों के नाम, पते लिख लिए हैं, जिससे कि आपरेशन होने तक वे वाहन नहीं चला सकें।
छात्र-छात्राओं ने निकाली जागरुकता रैली
इधर, निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने ट्रैफिक जागरुकता के लिए रोशनपुरा चौराहे से वाहन रैली निकाली। इस दौरान डीआईजी इरशाद वली ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके अलावा शहर के अलग-अलग इलाके में करीब 20 से अधिक आयोजन ट्रैफिक पुलिस की तरफ से आयोजित किए गए।
आईएसबीटी में आज नेत्र परीक्षण
पुलिस गुरुवार को आईएसबीटी पर नेत्र परीक्षण शिविर लगाएगी। इसमें लो-फ्लोर बस के चालक, निजी बचों के चालक, कैब चालकों की आंख का परीक्षण किया जाएगा। नेत्र में गड़बड़ी मिलने पर पुलिस ऐसे चालकों को चिन्हित करेगी। इलाज कराने के बाद ही उन्हें वाहन चलाने को मिल सकेगा।
इनका कहना...
नेत्र परीक्षण में 4 चालकों के नेत्र में मोतियाबिंद होने की पुष्टि हुई है। चारों अभी अलग-अलग प्रकार के यात्री वाहन चला रहे थे। उनकी डिटेल मंगा ली गई है। इलाज के बाद ही वह अब वाहन चला सकेंगे।
- प्रदीप सिंह चौहान, एएसपी
Published on:
16 Jan 2020 08:27 am
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