
Railway Recruitment Board
भोपाल। रेलवे की सहायक लोको पायलट और तकनीशियन पदों पर आवेदन करने वालों की मुश्किलें रेलवे ने बढ़ा दी है। 9 अगस्त से शुरू होने वाली इस परीक्षा में प्रवेश पत्र भी जारी कर दिए गए हैं, लेकिन परीक्षा केंद्र एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में दे दिए गए हैं। कई छात्रों को बिहार से मध्यप्रदेश के किसी शहर का सेंटर दे दिया है, जबकि उत्तरप्रदेश के कई छात्रों को पंजाब दे दिया गया है। इधर, इस गड़बड़ी के बाद रेलवे ने सेंटर बदले जाने का कारण बताया है।
डेढ़ हजार किमी दूर मिला सेंटर
रेलवे की भर्ती परीक्षा से पहले बेरोजगारों में हड़कंप मच गया है। पिछले दिनों से रेलवे ने प्रवेश पत्र अपनी वेबसाइट पर जारी की थी। इसमें बिहार के भागलपुर के कई छात्रों को मध्यप्रदेश के भोपाल, जबलपुर और इंदौर सेंटर दे दिया गया। भागलपुर के छात्रों को इंदौर आने में 1500 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा।
आरआरबी भोपाल की वेबसाइट पर देखें विस्तृत जानकारी
रेलवे की इस बड़ी भर्ती परीक्षा में लाखों छात्रों ने आवेदन दिए हैं। मध्यप्रदेश के किसी भी सेंटर के बारे में जानकारी के लिए आप भोपाल स्थित रेलवे भर्ती बोर्ड के दफ्तर में विस्तृत जानकारी ले सकते हैं, इसके अलावा ताजा अपडेट के लिए रेलवे की अधिकृत वेबसाइट http://www.rrbbpl.nic.in/ का भी अवलोकन कर सकते हैं।
भोपाल, जबलपुर और इंदौर में बने सेंटर
सहायक लोको पायलट की परीक्षा के लिए मध्यप्रदेश के भोपाल, जबलपुर और इंदौर शहर में कई सेंटर बनाए गए है। इन सेंटर्स पर मध्यप्रदेश के परीक्षार्थी तो शामिल हो रहे हैं, साथ ही रेलवे ने अन्य राज्यों के परीक्षार्थियों को भी मध्यप्रदेश के यह सेंटर आवंटित कर दिए हैं।
रेल मंत्री को किया ट्वीट
अपना सेंटर बदले जाने से परेशान कई परीक्षार्थियों ने रेलमंत्री पीयूष गोयल को ट्वीट किया है। कई परीक्षार्तियों ने कांग्रेस नेता शशि थरूर को मेल किया है। थरूर ने यह मेल गोयल को टैग करते हुए लिखा है कि बिहार के छात्रों ने कहा है कि मैं आप तक उनकी बात पहुंचा दूं। थरूर ने कहा है कि रेल मंत्रालय ने एएलपी एग्जाम के लिए डेढ़ हजार किमी दूर सेंटर दे दिया है। वे सोच रहे हैं कि रेलवे ने अपना प्राफिट बढ़ाने के लिए ऐसा किया है।
यह भी है खास
-बिहार के कई आवेदकों के सेंटर इंदौर, जबलपुर, भोपाल आदि शहरों में कर दिए गए। इससे परीक्षार्थी परेशान हो रहे हैं।
-बिहार भागलपुर के आदित्य कुमार के मुताबिक 14 अगस्त को एएलपी की परीक्षा है। जिसके लिए मुझे पटना जाना होगा फिर वहां से इंदौर। इसके बाद भागलपुर में दूसरी परीक्षा है। आदित्य के मुताबिक ज्यादातर गरीब आवेदक हैं जिन्हें इतनी दूरी का खर्च उठाना पड़ रहा है। जबकि रिजर्वेशन भी नहीं मिल रहा है।
हंगामे के बाद रेलवे ने दी सफाई
देशभर के परीक्षार्थियों में हड़कंप मचने के बाद रेलवे भर्ती बोर्ड ने आधिकारिक वेबसाइट्स सफाई दी है। रेलवे ने असिस्टेंट लोको पायलट रऔर टेक्नीशियन भर्ती परीक्षा के आवेदकों के परीक्षा सेंटर दूर करने को लेकर नोटिस जारी किया है।
-इसमें कहा गया है कि 47 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने असिस्टेंट लोको पायलट और टेक्नीशियन भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था।
-इनमें से 34 लाख अभ्यर्थियों (71 फीसदी) को सीटें उनके ही शहर में या 200 किलोमीटर के दायरे में स्थित पास के शहरों में आवंटित की गयी हैं।
-सहायक लोको पॉयलट और तकनीशियन पदों के लिए 9 अगस्त से परीक्षा शुरू हो रही है। जबकि 10, 13, 14, 17, 20, 21, 29, 30 व 31 अगस्त को भी इसी क्रम में अगली परीक्षाएं होंगी। अभ्यर्थियों की अधिक संख्या के कारण हर दिन परीक्षा तीन पालियों में कराई जाएगी।
-रेलवे के मुताबिक असिस्टेंट लोको पायलट और टेक्नीशियन के पद 26,502 भर्तियां होनी हैं। इनमें से 2,292 वैकेंसी बिहार में रेलवे यूनिटों के लिए हैं और शेष 24,210 वैकेंसी अन्य क्षेत्रों के लिए है।
Published on:
02 Aug 2018 11:46 am
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