भोपाल। अब शराब बेचने से पहले शराब दुकानदारों को आबकारी विभाग के साथ खाद्य विभाग से भी लायसेंस लेना होगा। बिना फूड लाइसेंस लिए शराब बेचने पर विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पत्रिका ने 'आठ हजार करोड़ का कारोबार, न दुकानों का रजिस्टे्रशन, न जांचÓ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर बताया था कि किस तरह प्रदेश में शराब का गोरखधंधा चल रहा है। प्रदेश में शराब की 3684 दुकानें हैं। यही नहीं हर साल आठ हजार करोड़ से ज्यादा का कारोबार होता है। फूड सेफ्टी एक्ट के तहत शराब दुकानों को भी खाद्य विभाग से रजिस्टर्ड होना चाहिए। ऐसा ना करने पर विभाग दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर सकता है।