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सदर मंजिल बन रहा हेरिटेज होटल उसके सामने मोती महल हो रहा बर्बाद

भोपाल. करीब 150 साल पुराने मोती महल का मेंटेनेंस तो दूर तीन साल पहले गिरी छत व अन्य हिस्से का गिरा मलवा तक नहीं उठाया जा रहा है। जबकि सामने ही सदर मंजिल को हेरिटेज होटल बनाने के लिए रिनोवेशन कर दिया गया।

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सदर मंजिल बन रहा हेरिटेज होटल उसके सामने मोती महल हो रहा बर्बाद

सदर मंजिल बन रहा हेरिटेज होटल उसके सामने मोती महल हो रहा बर्बाद

लोगों का कहना है कि आठ सालों से सदर मंजिल के रिनोवेशन का काम चल रहा है। लाइटिंग से लेकर कमरों में एसी तक लग चुके हैं। कम से कम मोती महल की साफ-सफाई ही जिम्मेदारो को करवा देनी चाहिए। वर्तमान में इसके परिसर में बड़ी संख्या में वाहनों की पार्किंग हो रही है। आगे का हिस्सा ओर गिरा तो नीचे खड़े वाहन छतिग्रस्त हो सकते हैं। बताया गया कि तीन साल पहले बारिश का पानी बैठने से मोती महल के आगे का हिस्सा धराशायी हो गया था।
पुरातत्व संग्रहालय के हस्तक्षेप से रुका मामला

मोती महल पुरातत्व संग्राहलय के अधीन होने के बाद भी इसकी रंगाई पुताई व छोटा-मोटा मेंटेनेंस हेरिटेज लुक देने के लिए पूर्व में किया गया था। जब से महल का हिस्सा गिरा है। इसकी ओर कोई ध्यान तक नहीं दे रहा है। सूत्रों का कहना है कि पुरातत्व संग्राहलय ने इसे काम चलाऊ तरीके से दुरुस्त करने पर हस्ताक्षेप किया था। लोगों का कहना है कि पुरातत्व संग्राहलय गोलघर का रिवोशन तो करवा रहा है,लेकिन मोती महल की ओर ध्यान तक नहीं दे रहा है।

आसपास के महल भी हो रहे जर्जर
पड़ताल में सामने आया कि प्रशासन पूर्व में गिरे शीश महल के गिरे हिस्से का विकास भी नहीं किया था। आज भी भवानी चौक सोमवारा से मोती मस्जिद जाने वाले मार्ग का टूटा हिस्सा दिखाई देता है। इतना ही नहीं इकबाल मैदान, गौहर महल, शौकत महल आदि का भी मेंटेनेंस कुछ सालों से नहीं किया गया है। सदर मंजिल को छोड़ दे तो अन्य कोई भी महल का कुछ सालों से मेंटेनेंस नहीं हो रहा है।

-सदर मंजिल को तो हेरिटेज होटल बनाया जा रहा है। इसके आसपास के महलों और भवनों का मेंटेनेंस तो प्रशासन को करना चाहिए। जिम्मेदार इस ओर ध्यान तक नहीं दे रहा है। जिसके चलते अन्य क्षेत्र भी जर्जर होते जा रहे हैं।

शिव यादव, रहवासी तलैया
-जर्जर हो रहे महलों के देखते हुए ऐसा लगता है कि शहर के विकास में सौतेला व्यवहार हो रहा है। कुछ हिस्से तो हाइटैंक हो रहे है, जबकि पुराने शहर के ऐतिहासिक धरोहर बर्बाद हो रही है। शासन को इसे बचाने की पहल करना चाहिए।

सुरेश साहू, समाजसेवी
- शहर में सभी ओर विकास कार्य चल रहा है,लेकिन धरोहर के संरक्षण को लेकर कोई काम नहीं हो रहा है। ऐसा लग रहा है कि जिम्मेदारों ने शहर की धरोहर को खत्म करने ठान ली है। रंगाई-पुताई तक नहीं करवाई जा रही है।

योगेश यादव, रहवासी मोती मस्जिद