
भोपाल। मध्यप्रदेश में अब एंबुलेंस को कैब की तरह बुक कर किसी भी अस्पताल में जाया जा सकेगा। इसके लिए सीएम शिवराजसिंह चौहान ने शुक्रवार को संजीवनी एप लांच किया। इस एप के जरिए 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस बुलाई जा सकेगी। वाहनों की लोकेशन भी पता चल जाएगी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भोपाल के लाल परेड मैदान से 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग एवं स्वास्थ्य मंत्री डा प्रभुराम चौधरी, भोपाल सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और गोविंदपुरा विधायक कृष्णा गौर भी मौजूद थीं।
मुख्यमंत्री शिवराज ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि '108 संजीवनी एंबुलेंस' बीमार लोगों का जीवन बचाने का अभियान है, यह संजीवनी बूटी की तरह काम करती है। '108 संजीवनी एंबुलेंस' से मरीज सरकारी अस्पताल तो जा ही सकते हैं, अब इस एंबुलेंस से आयुष्मान योजना के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों में भी मरीजों का ले जाया जा सकेगा। मरीज के कॉल करते ही एंबुलेंस तत्काल हाजिर हो जाएगी। यह सेवा पूरी तरह निशुल्क रहेगी।
उन्होंने एंबुलेंस की महत्ता बताते हुए कहा कि गंभीर बीमार या उनका परिजन जैसे ही फोन करता है तो यह एंबुलेंस तुरंत पहुंच जाती है और उसे अस्पताल पहुंचाती है। समय पर इलाज मिल जाता है, तो जिंदगी बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि रोगियों की सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। एंबुलेंस से जुड़े सभी लोग ध्यान रखें, यह सिर्फ नौकरी नहीं है, बल्कि मरीजों के लिए आप भगवान हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में हर 25 हजार की आबादी पर मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक खोले जाएंगे। मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत अगर विद्यार्थी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में भी पढ़ाई करता है तो हर साल 09 लाख रुपये की फीस सरकार भरती है। सीएम ने बताया कि सभी जिलों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जहां कैंसर, हृदय, किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का परीक्षण और उपचार किया जाएगा।
Published on:
29 Apr 2022 04:00 pm
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