
सतपुडा नेशनल पार्क
घने जंगलों में भला कौन नहीं घूमना चाहता! एमपी तो अपने प्राकृतिक वनों के लिए दुनिया भर में विख्यात है। मध्यप्रदेश की ख्याति खासतौर पर बाघ संरक्षण के लिए भी है। यहां की जलवायु और प्राकृतिक वातावरण ऐसा है कि अब तो यहां अफ्रीकन चीते भी रह रहे हैं। धीरे धीरे इन चीतों को मध्य प्रदेश पसंद आने लगा है।
मध्यप्रदेश को खासतौर पर “बाघ प्रदेश” या “टाइगर स्टेट” कहा जाता है। यहां अनेक नेशनल पार्क हैं जहां सैंकड़ों बाघ हैं। इन नेशनल पार्क में सतपुडा नेशनल पार्क भी जोकि अब बेस्ट वाइल्ड लाइफ डेस्टिनेशन के रूप में फेमस होता जा रहा है। यह नेशनल पार्क सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के रूप में भी जाना जाता है। बाघों और गहरी रहष्यमयी गुफाओं से भरा सतपुडा नेशनल पार्क पर्यटकों को खूब लुभाता है।
नर्मदापुरम ज़िले में स्थित सतपुड़ा नेशनल पार्क 524 वर्ग किमी में फैला हुआ है। इसके आसपास बोरी और पचमढ़ी अभयारण्य भी हैं। इस प्रकार 1427 वर्ग किमी का घना जंगल बन गया है। 1981 में स्थापित सतपुड़ा नेशनल पार्क बेहद दुर्गम इलाका है। इस जंगल में जहां संकीर्ण घाटियां हैं वहीं बलुआ पत्थर की ऊंची चोटियां भी हैं।
सतपुड़ा नेशनल पार्क यूं तो बाघों के लिए जाना जाता है पर यहां अन्य कई जंगली जानवर भी हैं। वन्य जीवों के मामले में यह पार्क बहुत समृद्ध है। बाघ के अलावा सतपुड़ा नेशनल पार्क बायसन के लिए भी विख्यात है। इनके अलावा यहां तेंदुआ, जंगली सुअर, भालू, लोमड़ी और साही जैसे जानवर हैं। साथ ही काले हिरण, सांभर, चीतल, नीलगाय, चिंकारा आदि भी पाये जाते हैं। यहां मोर भी बहुत है। सतपुड़ा नेशनल पार्क में उड़न गिलहरी भी पाई जाती है।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की विशेषताएं
नेशनल पार्क में 300 से अधिक गुफाएं हैं।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में पर्वत चोटियां औसतन 300 से 1200 मीटर ऊंची हैं।
यहां 1350 मीटर ऊंची धूपगढ़ चोटी भी है।
नेशनल पार्क से एमपी का हिल स्टेशन पचमढ़ी निकटतम शहर है।
कैसे जाएं
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से पचमढ़ी निकटतम शहर है। निकटतम रेलवे स्टेशन पिपरिया से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित है। एमपी की राजधानी भोपाल से इसकी दूरी 210 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से छिंदवाड़ा से यह महज 85 किमी, जबलपुर से 240 किमी और नागपुर से 250 किमी है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व इटारसी रेलवे जंक्शन के भी पास है।
Published on:
08 Dec 2023 10:17 am

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