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POK में जांबाजों ने दिखाई ताकत, यहां शहीदों को नमन करेंगे PM मोदी

देश के लिए शहीद होने वाले जवानों का बदला इन जांबाजों ने ले ही लिया। जब-जब देश में कोई शहीद होता है, उसका नाम हमेशा के लिए अमर हो जाता है।

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Anwar Khan

Sep 29, 2016

surgical strikes

surgical strikes

भोपाल। इंडियन आर्मी की जांबाजी से आज पूरा देश गौरवशाली महसूस कर रहा है। आखिर ऐसा महसूस करना भी लाजिमी है क्योंकि सेना के जांबाज 25 कमांडो ने आतंकियों को उनके गढ़ में घुसकर जो मारा है। देश के लिए शहीद होने वाले जवानों का बदला इन जांबाजों ने ले ही लिया। जब-जब देश में कोई शहीद होता है, उसका नाम हमेशा के लिए अमर हो जाता है। ऐसे ही देश के उन हजारों जवानों की शहादत को नमन करने के लिए मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐसा शौर्य स्मारक बनाया गया है, जहां आपको भारतीय सेना के जवानों की बहादुरी की कहानियां देखने को मिल जाएंगी। यहां एक जमीन के नीचे ऐसी जगह बनाई गई है, जहां आपको सियाचिन में रहकर देश की सुरक्षा करने वाले जवानों की कठिन परिस्थितियों का एहसास हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अक्टूबर को इस शौर्य स्मारक का उद्घाटन करने भोपाल आज रहे हैं। आइए जानते हैं कि कैसा है ये शौर्य स्मारक....





सैन्य जीवन की शान और उनके संघर्ष को सलाम करता शौर्य स्मारक बनकर तैयार हो रहा है। जल्दी ही इस खूबसूरत उद्यान का शुभारंभ किया जाना है। इसके पहले यहां की आर्टं गैलरी को सजाने का काम शुरू हो गया है। शौर्य स्मारक स्थित म्यूजियम में सैन्य जीवन से जुड़ी खूबसूरत कलाकृतियां सजायी गईं हैं। भूमिगत वॉर आर्टं गैलरी में भारतीय सेना द्वारा युद्ध में प्रयुक्त होने वाले सैन्य सामान, हथियार, एयरक्राफ्ट आदि का प्रदर्शंन किया जा जाएगा।

Shaurya smarak

देश की पहली आर्ट गैलरी
7200 वर्गमीटर में फैली यह देश की पहली वॉर ऑर्ट गैलरी है जिसे किसी सिवीलियन तैयार किया है। आटज़् गैलरी बनाने में 5 करोड़ रुपए की लागत आयी है। यहां तीनों सेनाओं के बारे में संक्षिप्त जानकारियां दी गईं हैं।




देखने मिलेंगे एयरक्राफ्ट
वॉर आर्ट गैलरी में वायु सेना विंग का पहला एयरक्राफ्ट वापिति का मॉडल रखा गया है। 1933 में पहली बार सेना में इस्तेमाल हुए इस एयरक्राफ्ट का प्रयोग द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान किया गया था। मॉडल के साथ ही उसकी जानकारी भी दी गई है।

Shaurya smarak

पोट्रेट में दिखेगा साहस
आर्ट गैलरी में तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित परमवीर चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित जवानों के 40 पोट्रेट प्रदर्शित किए जाएंगे। ये वही पोट्रेट हैं जिन्हें जनजातीय संग्राहालय में आयोजित वर्कशॉप में कलाकारों द्वारा बनाया गया था। सेना के बारे में ज्यादा रूचि रखने वालों के लिए शोविनियर शॉप भी ओपन की गई है। जिसमें सेना की जानकारी देने वाली किताबें, युद्ध की जानकारी, सीडी और खिलौनेनुमा हथियार खरीदे जा सकेंगे।


Shaurya smarak
देखे सियाचिन का दृश्य
सियाचिन में सैनिकों के संघर्ष को बयां करती झांकी का प्रदर्शन किया गया है। सियाचिन के डायरोमा को थ्रीडी इफेक्ट के साथ तैयार किया गया है। इस विशेष झांकी में सेना में प्रयुक्त होने वाली वास्तविक हथियारों को प्रदर्शित किया जा रहा है। ये सभी हथियार जबलपुर के आर्मी हेड क्वाटर से मंगवाए गए हैं।

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