
पुलिस
भोपाल। एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में ६ सितंबर को होने वाले भारत बंद का ज्यादा असर मध्यप्रदेश के ४५ जिलों में रहेगा। सपाक्स से जुडे़ ३५ संगठनों ने सोशल मीडिया पर बंद का आव्हान किया है। अधिकृत रुप से बंद करने की सूचना केवल ग्वालियर और उज्जैन के स्थानीय सपाक्स और उससे जुड़े लोगों ने वहां के एसपी को दी है।
यह बात मंगलवार को इंटेलीजेंस आइजी मकरंद देउस्कर ने मीडिया को बताई। उन्होंने कहा कि होशंगाबाद सहित कुछ जिलों के व्यापारी बंद के समर्थन में उतर आए हैं, उन्होंने पहले से ६ को दुकान बंद रखने के पोस्टर लगाए हैं।
आइजी देउस्कर ने कहा कि हमारी रिपोर्ट के अनुसार बंद का सबसे ज्यादा असर प्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, सागर, होशंगाबाद संभाग में रहेगा। उन्होंने बताया कि यहां के सवर्ण से जुडे़ संगठन एट्रोसिटी एक्स, आरक्षण जैसे अन्य मुद्दों को लेकर काफी समय से बैठकें कर रहे हैं। इसके चलते हमने सभी एसपी-आइजी को अलर्ट जारी कर दिया है।
उन्होंने बताया कि बंद का असर आदिवासी क्षेत्रों में कम रहेगा, इनमें शहडोल संभाग सहित डिंडोरी, अलीराजपुर सहित कई जिले शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस बंद का असर मप्र के अलावा बिहार, राजस्थान, यूपी में भी सबसे ज्यादा असर रहेगा।
Published on:
5 Sep 2018, 8:37 AM IST
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