School Education Department -मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा अपडेट सामने आया है। विभाग में इन दिनों विशेष तौर पर टीचर्स के लिए नित नई तकनीक कवायदें की जा रहीं हैं।
School Education Department -मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा अपडेट सामने आया है। विभाग में इन दिनों विशेष तौर पर टीचर्स के लिए नित नई तकनीक कवायदें की जा रहीं हैं। इसके अंतर्गत नया ई गवर्नेंस प्लेटफार्म भी तैयार किया गया है। नए प्लेटफार्म में टीचर्स की उपस्थिति से लेकर अवकाश तक दर्ज होंगे। इतना ही नहीं, इसमें पेंशन व भत्तों आदि का भी ब्यौरा होगा। खास बात यह है कि नए प्लेटफार्म के चालू हो जाने के बाद 20 हजार से ज्यादा ऐसे टीचर्स पर कार्रवाई की तलवार लटक जाएगी जिनकी स्कूलों से गायब रहने की शिकायतें हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार टीचर्स की ई अटेंडेंस भी इसमें फीड कराई जाएंगी जिससे स्कूलों से गायब रहना मुश्किल होगा।
शिक्षा विभाग ने एजुकेशन 3.0 पोर्टल शुरू किया है जिसपर नया ई गवर्नेंस प्लेटफार्म हमारे शिक्षक डेवलप किया गया है। अब सभी टीचर्स के भत्ते, सर्विस रिकार्ड सहित तमाम ब्यौरे इस प्लेटफार्म पर अपडेट होंगे। टीचर्स की उपस्थिति व छुट्टी का ब्यौरा भी दर्ज होगा।
नया ई गवर्नेंस सिस्टम हमारे शिक्षक 23 जून से लागू किया जा रहा है। सिस्टम के एक्जीक्यूशन का 30 जून तक ट्रायल लिया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों में 1 जुलाई से टीचर्स की ई अटेंडेंस व अन्य जानकारी इसी में फीड कराई जाएंगी। लोक शिक्षण आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने राज्य के सभी कलेक्टरों, संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखा है।
हमारे शिक्षक प्लेटफार्म में टीचर्स के स्वत्वों को भुगतान, अवकाश, अवकाश स्वीकृति, वेतन वृद्धि, परिवीक्षा अवधि, क्रमोन्नति, समयमान वेतन, प्रशिक्षण आदि भी जोड़ दिया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से ऐसे 20 हजार से ज्यादा टीचर्स पर एक्शन लिया जा सकेगा जोकि स्कूलों से गायब रहते हैं। सिस्टम से टीचर्स की रिपोर्ट आसानी से मिलने से उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकेगी। स्कूलों में किराए के टीचर पदस्थ कराने वाले भी नहीं बच सकेंगे।