एक दिन के बंद के बाद सीबीएसई स्कूल मंगलवार से शुरू करेंगे ऑनलाइन क्लास, एमपी बोर्ड के स्कूलों की हड़ताल जारी

ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी सहित अन्य मांगों को लेकर तीस हजार से अधिक निजी स्कूलों ने संचालित नहीं की क्लास

भोपाल। ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी, आर्थिक पैकेज, समय पर शुल्क जमा नहीं करने पर विलंब शुल्क का भुगतान सहित अन्य मांगों को लेकर सोमवार को प्रदेश भर के निजी स्कूलों ने एक दिवसीय बंद रखा। इस दौरान ऑनलाइन क्लास बंद रही। एक दिनी बंद के बाद मंगलवार से नियमित रूप से निजी स्कूल ऑनलाइन क्लास शुरू कर देंगे। दूसरी ओर एमपी बोर्ड से संबंधित स्कूलों में हड़ताल जारी रहेगी और ऑनलाइन क्लास बंद रहेगी।

सोमवार को प्रदेश भर के तकरीबन तीस हजार से अधिक निजी स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास बंद रखी । भोपाल सहित प्रदेश भर में तकरीबन डेढ़ साल से ऑनलाइन क्लास चल रही है। इस दौरान यह पहला मौका है जब स्कूल संचालकों ने बंद कर ऑनलाइन क्लास बंद रखी है। प्रायवेट स्कूलों की संस्था एसोसिएशन ऑफ अन एडेड प्रायवेट स्कूल्स का कहना है कि अब सरकार के खिलाफ न्यायालय व सड़कों पर लड़ाई लड़ी जाएगी। एसोसिएशन का कहना है कि अभिभावकों को विलंब शुल्क जरूर देना होगा। वहीं, एमपी बोर्ड से संबद्ध प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। शासन ने तीसरी लहर की आशंका खत्म होने तक स्कूल बंद रखने एवं स्कूल संचालकों द्वारा ट्यूशन फीस के अलावा कोई अतिरिक्त राशि नहीं लेने का ऐलान किया है। सरकार के इस निर्णय का स्कूल संचालक विरोध जता रहे हैं। इसके विरोध में प्रदेश प्रायवेट स्कूल संचालकों ने सोमवार को आनालइन क्लास बंद रखने का निर्णय लिया था। आंदोलन में प्रदेश के करीब तीस हजार निजी स्कूल शामिल थे। प्रायवेट स्कूलों की संस्था एसोसिएशन ऑफ अन एडेड प्रायवेट स्कूल्स के वाइस प्रेसिडेंट विनीराज मोदी का कहना है छात्रहित में आनलाइन क्लास मंगलवार से शुरू हो जाएगी। अब सरकार के खिलाफ न्यायालय में लड़ाई शुरू की जाएगी। इसके अलावा एसोसिएशन ने कई निर्णय लिए है। जब तक सरकार मांगे पूरी नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।

एमपी बोर्ड से मान्यता वाले निजी स्कूलों में बंद रहेगी क्लास

दूसरी ओर एमपी बोर्ड से संबंधित प्रायवेट स्कूलों में हड़ताल अभी जारी रहेगी। अपनी मांगों को लेकर सोमवार को प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने राज्यपाल को ज्ञापन सौपा। इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्य शिक्षा केंद्र मुख्यालय पहुंचकर नारेबाजी भी की। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजित सिंह ने कहा कि राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा आरटीई फीस का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सिंह का कहना है कि जब तक पांच सूत्रीय मांगों का निराकरण नहीं किया जाता हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को सभी पदाधिकारी आयुक्त लोक शिक्षण से मिलने जाएंगे। उनसे पांच साल की मान्यता का नवीनीकरण समेत अन्य मांगों पर चर्चा करेंगे। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती है, तब तक एमपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूल संचालक कोई भी शासकीय काम नहीं करेंगे।

सुनील मिश्रा
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