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एक और IAS उतरे मैदान में, सील करा दिया अधीनस्थ का चैंबर

कोर्ट ने तबादले के खिलाफ स्थगन दे दिया। भंडारी का कहना है कि स्थगन मिलने पर संचालक ने उनके चेम्बर को सील करा दिया।

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rb singh

Jan 12, 2016


भोपाल
. राज्य सरकार में आईएएस अफसरों का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में एक और आईएएस रेनु तिवारी का नाम जुड़ गया है। इन्होंने अपने अधीनस्थ अफसर का चेम्बर सील करा दिया। अब विवाद आला अफसरों के पास जा पहुंचा है। मामला आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं विभाग का है। विवाद की शुरुआत सात माह पहले जून माह से हुई। अपर संचालक डॉ. एसएस भंडारी का सागर तबादला होने पर इन्होंने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए कोर्ट की शरण ली।

कोर्ट ने तबादले के खिलाफ स्थगन दे दिया। भंडारी का कहना है कि स्थगन मिलने पर संचालक ने उनके चेम्बर को सील करा दिया। उन्होंने सात माह तक अन्य अफसर के चेम्बर में बैठकर सरकारी काम-काज निपटाया। 4 जनवरी को संचालक रेनु तिवारी को खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का एमडी बनाते हुए सरकार ने नई जिम्मेदारी दे दी। वे सात जनवरी को रिलीव हो गईं, तो सील किए गए चेम्बर को खुलवा दिया गया। रिलीव हो चुकीं संचालक ने 8 जनवरी को दफ्तर के सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस थमा दिया। इसमें आदेश का उल्लंघन कर चेम्बर खोलने की बात कहते हुए निलंबन की चेतावनी भी दी है।

प्रताडऩा का आरोप
अपर संचालक ने सूचना अधिकार के तहत विभाग को दिए गए आवेदन में अपनी पीड़ा लिखने के साथ 32 बिन्दुओं की जानकारी मांगी है। इसमें तबादले से लेकर कक्ष सील करने और सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस की प्रति भी मांगी गई है। पत्र में उन्होंने 23 जून 2015 से 8 जनवरी 2016 तक अपने साथ हुई नाइंसाफी तथा मानसिक प्रताडऩा का जिक्र भी किया है।

इनका कहना है..
मैं तबादले के खिलाफ स्थगन लेकर आया तो संचालक ने चेम्बर सील करा दिया। संचालक का तबादला होने के बाद सफाई के लिए चेम्बर खोला था। तो नोटिस थमा दिया।
डॉ. एसएस भंडारी, अपर संचालक आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं

मुझे खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का एमडी पदस्थ किया गया है, लेकिन पुराने संस्थान में रिलीवर न होने के कारण मैं वहां का भी काम देख रही हूं। चेम्बर के बारे में बात नहीं करना चाहती।
रेनु तिवारी, एमडी खादी ग्रामोद्योग बोर्ड

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