
भोपाल। देशभर में मंगलवार को सवर्णों की ओर से बंद किए जाने की अफवाह से चिंतित प्रशासन ने शहर में एक दिन के लिए मंगलवार को धारा 144 लागू कर दी है। हालांकि स्कूल, कॉलेज सहित सभी कार्यालय खुले रहेंगे। शहर में स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए छह हजार से ज्यादा जवान तैनात रहेंगे। किसी भी तरह की गड़बड़ी या हिंसा के दौरान पुलिस ने सभी जवानों को अपने मोबाइल कैमरे चालू रखने के निर्देश जारी किए हैं, जिससे उपद्रवियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त सीसीटीवी सर्विलांस, साइबर सेल सहित अन्य माध्यमों से माहौल पर नजर रखी जा रही है।
बंद के दौरान शांति व्यवस्था बनाने को लेकर संभागायुक्त अजातशत्रु श्रीवास्तव, कलेक्टर सुदाम खाडे, आईजी जयदीप प्रसाद, डीआईजी धमेन्द्र चौधरी ने एसपी नार्थ और साउथ के साथ मंगलवार दोपहर प्रेस कॉफ्रेंस की। अधिकारियों ने बंद के दौरान शहर में स्थिति सामान्य रहने का दावा किया। छुट्टी लेकर किसी भी धार्मिक, सामाजिक आंदोलन में शामिल हुए तो खैर नहीं कोई भी सरकारी कर्मचारी अवकाश लेकर किसी भी तरह के प्रदर्शन में न तो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सकता है और न ही ऐसे किसी भी धरना-प्रदर्शन को समर्थन दे सकता है। यह आदेश जिला कलेक्टर सुदाम खाडे ने इस सम्बंध में जारी किए हैं। आदेश के अनुसार यदि कोई शासकीय कर्मचारी एेसी गतिविधि में शामिल होगा तो गंभीर कदाचरण मानते हुए उस पर कार्रवाई की जाएगी।
शहर में तैनात रहेंगे विशेष मजिस्ट्रेट
हालात को काबू में रखने और किसी भी परिस्थिति में तुरंत निर्णय लेने के लिए शहर में पुलिस बल के साथ विशेष मजिस्ट्रेट भी तैनात रहेंगे। प्रत्येक थाना क्षेत्र में थानों के जवानों के अतिरिक्त कर्मी भेजे जाएंगे, जो पूरे इलाके में सुरक्षा देते हुए निगरानी रखेंगे।
सोशल मीडिया का तोड़, सीधा जनसंवाद
अघोषित भारत बंद के दौरान पुलिस की सबसे बड़ी चिंता सोशल मीडिया है। सोशल मीडिया की काट पुलिस ने सीधे संवाद के रूप में निकाली है। पुलिस पिछले तीन-चार दिनों से लोगों से सीधे सम्पर्क बनाने में लगी है। बंद के ठीक एक दिन पहले पुलिस ने इसे अभियान के रूप में चलाया। डीआईजी ने सभी थानों को अपने-अपने इलाकों में जनसंवाद करने के निर्देश दिए। सभी अधिकारी अलग-अलग जनसंवादों में शामिल हुए। पुलिस का दावा है कि दिन भर में सभी थाना क्षेत्रों में 250 से अधिक इलाकों में छोटी-छोटी बैठकों, बातचीत के माध्यम से जनता, खासकर युवाओं से सीध संवाद बनाया गया।
कैमरा वाहनों से निगरानी
शहर के सीसीटीवी सर्विलांस के साथ पुलिस विशेष कैमरा युक्त वाहनों से भी शहरभर में निगरानी करेगी। इस दौरान कहीं भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर उच्चाधिकारी सीधे निर्णय लेंगे।
शाम को फ्लैग मार्च
अघोषित बंद के पहले पुलिस की मुस्तैदी दिखाने और जनता में भरोसा पैदा करने के लिए सोमवार शाम नए और पुराने शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया। नए शहर में एसपी साउथ राहुल लोढ़ा के नेतृत्व में पुलिस ने दर्जनों वाहनों के साथ लाल परेड ग्राउंड से इलाके का भ्रमण कर परेड ग्राउंड पर समापन किया। पुराने शहर में एसपी नार्थ अजय सिंह के नेतृत्व में फ्लैग मार्च लाल परेड ग्राउंड से शुरू हुआ। पुलिस काफिले ने पुराने शहर का चक्कर काटा एवं बाद में वापस परेड ग्राउंड पहुंचा।
पुलिसकर्मियों के अवकाश निरस्त
शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। मंगलवार को शहर में जिला पुलिस के चार हजार पुलिसकर्मी, एक हजार पुलिसकर्मियों के रिजर्व बल सहित आरएएफ के एक हजार जवान तैनात रहेंगे।
Published on:
10 Apr 2018 05:36 pm
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