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एनआरसी में जोड़ दिए अपात्रों के नाम, इस आईएएस पर दर्ज हुआ देशद्रोह का मामला

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स एनआरसी में बड़ी गफलत

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नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स एनआरसी में बड़ी गफलत

भोपाल. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स एनआरसी में बड़ी गफलत हुई है। एनआरसी में ऐसे लोगों को शामिल कर लिया गया है जोकि अपात्र हैं यानि भारतीय नहीं हैं। इनमें अधिकतर बंग्लादेशी हैं। एनआरसी में इनके नाम शामिल करने के लिए धोखाधड़ी, गलत रिकॉर्ड बनाने, जालसाजी और गलत शपथपत्र देने जैसे काम किए गए। इस मामले में अब एनआरसी पूर्व कॉर्डिनेटर रहे मध्यप्रदेश के आईएएस अधिकारी प्रतीक हजेला पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। उन पर असम सरकार ने आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया है। हजेला के खिलाफ यह एफआईआर NRC के वर्तमान राज्य समन्वयक—स्टेट कॉर्डिनेटर हितेश देव सरमा ने दर्ज कराई है।

प्रतीक हजेला मध्यप्रदेश के आईएएस अधिकारी हैं। वे वर्तमान में सामाजिक न्याय विभाग के प्रमुख सचिव के पद पर कार्यरत हैं। प्रतीक हजेला पर असम में देशद्रोह का मामला दर्ज करते हुए उनपर धोखाधड़ी, जालसाजी, गलत रिकॉर्ड बनाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। उन पर नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स—एनआरसी— में कॉर्डिनेटर के पद पर कार्यरत रहने दौरान ये गड़बड़ी करने का आरोप है।

असम सीआईडी में दर्ज इस एफआईआर में आईएएस अधिकारी प्रतीक हजेला के साथ ही एनआरसी के कई अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। सरमा की शिकायत के मुताबिक प्रतीक हजेला एनआरसी के पूर्व राज्य समन्वयक हैं। अपने कार्यकाल के दौरान हजेला पर भारतीय नागरिकों के रूप में अपात्र व्यक्तियों को दस्तावेजों में शामिल करने का आरोप लगाया गया है। यही कारण है कि उनके ऊपर ‘राष्ट्र-विरोधी अधिनियम’ के तहत केस दर्ज किया गया है। वर्तमान में हजेला मध्यप्रदेश के सामाजिक न्याय विभाग में प्रमुख सचिव के तौर पर पदस्थ हैं।

आईएएस प्रतीक हजेला ने असम में एनआरसी अपडेट और प्रकाशन करने का नेतृत्व किया था। सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में हुए इस कार्य के दौरान उन्होंने एनआरसी में ऐसे लोगों को शामिल कर लिया, जो अपात्र थे यानि भारतीय नहीं थे। इसके लिए गलत रिकॉर्ड बनाने, शपथ पर गलत बयान देने, जालसाजी जैसे काम किए। एनआरसी ने इस मामले में उनपर आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया।