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सेवा बस्ती की 75 बेटियों को कराई क्रूज की सैर, नए वस्त्र प्रदान कर हवा में गुब्बारे छोड़े

- दीनदयाल उपाध्याय की जयंती की पूर्व संध्या पर  
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सेवा बस्ती की 75 बेटियों को कराई क्रूज की सैर, नए वस्त्र प्रदान कर हवा में गुब्बारे छोड़े

सेवा बस्ती की 75 बेटियों को कराई क्रूज की सैर, नए वस्त्र प्रदान कर हवा में गुब्बारे छोड़े

भोपाल. शहर की सेवा बस्तियों की 75 बालिकाओं को शुक्रवार को बड़े तालाब पर क्रूज की सैर कराने के साथ उन्हें नए कपड़े और मिठाईयां प्रदान की गई। यह पहल सिंधु सेना ने शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती की पूर्व संध्या पर की।
समिति के राकेश कुकरेजा ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय को एक राष्ट्रवादी नेता के तौर पर याद किया जाता है, जो गरीबों और दलितों के हक के लिए हमेशा आवाज उठाते थे। अंत्योदय शब्द का अर्थ है उत्थान। यह दिन असल में समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए समर्पित है। दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के वाक्य को चरितार्थ हुए सेवा बस्ती की 75 बेटियों को भोपाल के बड़े ताल पर क्रूूज पर घुमाकर नए वस्त्र प्रदान किए। संचालन करते हुए भगवान दास ढालिया ने उपस्थित जनों को शोषित वंचित समाज के समर्पण हेतु संकल्प भी दिलाया इस अवसर पर महेश मकवाना,नरेंद्र सिंह ठाकुर ,राजकुमारी डोंगरे,सुकांति ठकुरिया, सुरिया बाजी,रीटा सोलंकी, सुनील सराठे,अजय प्रजापति ,मुकेश सोलंकी, आलोक भदौरिया,रजत कैथवास, कैलाश हिरवे, महेंद्र कटकोले उपस्थिति थे