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संत हिरदारामजी  सेवा के वटवृक्ष की छाया

पैसे की कमी से न किसी की शिक्षा रूकी न इलाज,बेसहारों का सहारा बनने का जुनून और जज्बा

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संत हिरदारामजी  सेवा के वटवृक्ष की छाया

संत हिरदारामजी  सेवा के वटवृक्ष की छाया

भोपाल. दूसरों की सेवा करके तो देखो परमआनंद मिलेगा। सेवा जरूरतमंदों की अपनो की तरह करो। उनका सुकून आपके जीवन को खुशियों से भर देगा। दुनिया से चले जाओगे। सब कुछ छूट जाएगा यहां, रह जाएंगी आपकी सेवा की भावना। यह संदेश कुटिया से असाधारण व्यक्तित्व संत स्वामी हिरदारामजी ने दिया था।
संतजी के सेवा प्रकल्प 'बच्चे, बूढ़े और बीमार सब है परमेश्वर के यार, करो इनकी सेवा, पाओगे जीवन में सुख अपार' की राह पर चल रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंदों की सेवा के जुनून ने संतनगर को समाजसेवियों के लिए तीर्थ की तरह है। नेत्र ज्योति की हिफाजत का संकल्प सेवा सदन पूरा कर रहा है। दवा रहित समाज का संकल्प आरोग्य केन्द्र। शहीद हेमू कालाणी एज्युकेशन सोसायटी शिक्षण संस्थाओं की श्रंखला का संचालन कर रही है। नवयुवक परिषद आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की अभिभावक बनकर शिक्षा का अनुष्ठान पूरा कर रही है। मानव सेवा के साथ पशु पक्षियों की चिंता भी समाजसेवियों को संतजी की भावना से जोड़ती है।

मुफ्त शिक्षा.. नवयुवक परिषद ने अब तक 10 हजार बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने का काम किया है। शिक्षण सामग्री, कोचिंग, फीस, गणवेश सब कुछ परिषद उपलब्ध करा रही है। सभी बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के होते हैं।
मुफ़्त इलाज.. सेवासदन नेत्र चिकित्सालय 12 लाख से अधिक लोगों का इलाज कर चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों से रोगियों की पहचान कर मोतियाबिंद के ऑपरेशन कर उनके घर छोड़ा जाता है। 2000 से अधिक लोगों की जिंदगी को दान मिली आंखों से रोशन किया गया है।
बिन पैसा सर्जरी.. जीव सेवा संस्थान- दानदाताओं के साथ मिलकर यूरोलॉजी शिविरों में 51 हजार रोगियों का उपचार कर चुकी है। खास बात यह है कि व्यावसायिक दौर में अमेरिका व अन्य देशों से आकर चिकित्सा विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देते हें।
आपदा में साथ.. गैस त्रासदी, कोराना काल में संतजी के अनुयायी अपने गुरू की आज्ञा का पालन करने हर उस शख्स तक पहुंचे हैं जो भोजन के लिए परेशान थे।
सहारा देने का जज्बा.. समाज के कमजोर वर्ग साथ हर समय खड़ा रहने का संतजी ने जो जज्बा अनुयायियों में भरा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की कन्याओं की मदद, चिकित्सा के समय मदद व जरूरतमंद परिवारों को परिवार में किसी का निधन होने पर मदद की जाती है।

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