
भोपाल। कल्पना कीजिए.... कि अंग्रेजी के महान कवि और नाटककार विलियम शेक्सपियर द्वारा लिखित सॉनेट्स अगर आप 10 भारतीय भाषाओं में सुनें तो आपको कैसा लगेगा? यह सुनने में जरूर अजीब लगेगा लेकिन गुरुवार को भोजपुर क्लब में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। यहां क्लब लिटराटी की ओर से तीन दिवसीय भोपाल शेक्सपियर फेस्ट-2018 'शेक्सपियराना' के पहले दिन 'सोनेट इन माय पॉकेट' इवेंट का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान शेक्सपियर के लिखे 154 सोनेट्स में से चुनिंदा 20 सोनेट्स को स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स और प्रोफेसर्स ने 10 भारतीय भाषाओं में अनुवाद कर पेश किया। क्लब लिटराटी की प्रेसिडेंट सीमा रायजादा बताती हैं कि सॉनेट्स पोएट्री का ही एक प्रकार है जिसका ओरिजन इटली में हुआ था। इसमें 14 लाइनों की पोएट्री होती है लेकिन शेक्सपियर ने इसमें 4-4 लाइप के तीन क्र्वाटरेन और 1-1 लाइन के 2 कपलेट्स का इस्तेमाल कर नई शैली विकसित की।
कार्यक्रम के दौरान डॉ जमीरुद्दीन ने अंग्रेजी के शिक्षकों पर लिखे अपने व्यंग्य को पढ़ते हुए अपने शेक्सपियर शब्दकोश का भी प्रदर्शन किया। शुक्रवार को एम्स में क्विज कॉम्पीटिशन का आयोजन होगा।
पढि़ए चुनिंदा सॉनेट्स का भारतीय भाषाओं में अनुवाद
मैं आंखों में नहीं करता मुहब्बत तुझमें ए जाना कि आंखे देख लेती हैं हजारों खामियां तुझमें
-अस्मां रिजवान, उर्दू
जब मैं बीतता हुआ समय बताती हुई घड़ी के पनों को गितना हूं और देखता हूं बहादुरी से सामना करते हुए दिन को
-अजीत रायजादा, हिन्दी
समय नै तेरी आंख्या ने घणी सूनी बनाईं, इत्ती सूनी के सबकी नजरां उठै ही जा के रुक जा सै
-मुकुल यादव, हरियाणवी
मी तुची तूलना उन्हाणयातील दिवसाची करू शकेत्न का?
-शिवांगी और दीपाली, मराठी
अव्यवृह्त माधुर्य क्षीयन्ते तु कथं त्वया स्वार्थ स्वकीयस्य सौन्दर्यस्य विभूतय:
-अजीत रायजादा, संस्कृत
कि मैं त्वाड्डी तुलना गर्मी दे दिन नाल करां फिर अग्गे ओ आपणे दोस्त दी तारीफ करदे होए कहंन्दे कि
-हरभजन कौर खनूजा, पंजाबी
न्यान वलउन्तोरूम एल्लाम वलउन्नु
-मोहित नायर, मलयाली
मैंन हमेशा आपते मेरी प्रेरणा के स्त्रोत के रूप मंजी उदरत करी
-विनीता ढौंढियाल, गढ़वाली
Published on:
27 Apr 2018 06:02 pm
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