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साहित्यकार अश्विनी कुमार दुबे तथा मधुकांत, रंगकर्मी हरिओम तिवारी व ओलिम्पियन अंकित शर्मा सहित 24 हस्तियाँ से सम्मानित

शांति गया स्मृति सम्मान आई.एस.बी.टी. स्थित नगर निगम सभागार में तृतीय एवं चतुर्थ "शांति-गया स्मृति सम्मान" समारोह का आयोजन,  

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साहित्यकार अश्विनी कुमार दुबे तथा मधुकांत, रंगकर्मी हरिओम तिवारी व ओलिम्पियन अंकित शर्मा सहित 24 हस्तियाँ से सम्मानित,साहित्यकार अश्विनी कुमार दुबे तथा मधुकांत, रंगकर्मी हरिओम तिवारी व ओलिम्पियन अंकित शर्मा सहित 24 हस्तियाँ से सम्मानित


भोपाल । रविवार, 26 दिसम्बर 2021 7 आई.एस.बी.टी. स्थित नगर निगम सभागार में तृतीय एवं चतुर्थ "शांति-गया स्मृति सम्मान" समारोह का आयोजन, गयाप्रसाद खरे, स्मृति साहित्य, कला एवं खेल संवद्र्धन मंच द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार कांति शुक्ला ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में हिंदी भवन के निदेशक सुप्रसिद्ध रचनाकार जवाहर कर्नावट उपस्थित थे 7 विशिष्ट अतिथियों के रूप में वरिष्ठ कहानीकार सुषमा मुनींद्र (सतना) एवं कवि डॉ. संजीव कुमार (नई दिल्ली) मंचासीन रहे। कॉर्यक्रम का सफल संचालन अन्तर्राष्ट्रीय कमेंट्रेटर दामोदर आर्य एवं प्रभात गोस्वामी ने किया।

कार्यक्रम के प्रथम चरण में स्मृति शेष गया प्रसाद खरे एवं शांतिदेवी खरे तथा इसी वर्ष दिवंगत मंच के पहले अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश खरे के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई 7 इसके बाद श्री अरुण अर्णव खरे द्वारा मंच के उद्देश्य, उपलब्धियों एवं कार्यक्रमों पर सविस्तार चर्चा की गई 7 तत्पश्चात उनके कहानी संग्रह "चार्ली चैप्लिन ने कहा था" एवं व्यंग्य संग्रह "उफ्फ! ये एप के झमेले" तथा कान्ता रॉय के लघुकथा संग्रह "अस्तित्व की यात्रा" का लोकार्पण मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया । इनके अतिरिक्त कुसुम भट्ट एवं संजय आरजू के कहानी संग्रह तथा गोविंद अनुज के व्यंग्य संग्रह का भी विमोचन किया गया 7
द्वितीय चरण में मंचस्थ अतिथियों द्वारा साहित्य, कला एवं खेल जगत से जुड़ी 24 हस्तियों को शाल, सम्मान पत्र, स्मृति-चिंह व सम्मान-राशि से सम्मानित किया गया 7 वर्ष 2020 एवं 2021 के लिए शांति-गया स्मृति शिखर सम्मान से क्रमश: साहित्यकार मधुकांत (रोहतक) एवं अश्विनी कुमार दुबे (इंदौर) को सम्मानित किया गया। उन्हें शाल, स्मृति चिंह व सम्मान पत्र के साथ रु 7100/- की राशि भेंट की गई । इसके साथ प्रवासी साहित्यकारों के लिए संस्थित सम्मान कनाडा की कहानीकार हंसा दीप को कहानी संग्रह "शत प्रतिशत" के लिए दिया गया। कथेतर श्रेणी का सम्मान आगरा के डॉ. दिग्विजय कुमार शर्मा को प्रदान किया गया 7

चार श्रेणियों में दिए जाने वाले साहित्यिक सम्मानों में रु 5100/- का उपन्यास विधा का सम्मान सुल्तानपुर के शोभनाथ शुक्ल को च्च्अंगूठे पर वसीयतज्ज् पर, कहानी विधा में देहरादून की कुसुम भट्ट को च्च्नदी की उँगलियों के निशानज्ज् पर, व्यंग्य विधा में संयुक्त रूप से उज्जैन के शांतिलाल जैन (मार्जिन में पिटता आदमी) व दुर्ग के विनोद साव (धराशायी होने का सिलसिला) पर तथा हिंदी गजल में नीमच के प्रमोद रामावत (सूखा दरिया बहते लोग) व भोपाल के किशन तिवारी (धूप का रास्ता) को प्रदान किये गए। खेलों के लिए मशहूर स्नूकर खिलाड़ी कमल चावला एवं ओलिम्पियन एथलीट अंकित शर्मा, खेल कमेंट्री व लेखन के लिए प्रभात गोस्वामी (जयपुर) व दामोदर प्रसाद आर्य (भोपाल) को एवं कला के लिए रंगकर्मी व फिल्म कलाकार हरिओम तिवारी (भोपाल) एवं कबाड़ से कलाकृतियों के निर्माण के लिए देवेंद्र प्रकाश तिवारी (भोपाल) को सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाली अन्य हस्तियों में भोपाल के चंद्रभान राही (उपन्यास "चौराहा"), फरीदाबाद की कमल कपूर (उपन्यास "अस्मि"), चेन्नई की रोचिका अरुण शर्मा (कहानी संग्रह "जो रंग दे वो रंगरेज"), लखनऊ के राम नगीना मौर्य (कहानी संग्रह "सॉफ्ट कॉर्नर"), इंदौर के सौरभ जैन (व्यंग्य-संग्रह "डेमोक्रेसी स्वाहा"), नागपुर की डॉ. आभा संजीव सिंह (व्यंग्य-संग्रह "व्यंग्य का ब्लैक होल") शिवपुरी के गोविंद अनुज (गजल-संग्रह "उम्र के यूँ बिखर गए कतरे") तथा अम्बाला की अंजलि सिफर (गजल-संग्रह "लम्हों के परिंदे") शामिल थे 7
ज्ञातव्य है कि इस वर्ष शांति-गया स्मृति सम्मान के विचारार्थ देश भर से डेढ़ सौ से अधिक पुस्तकें प्राप्त हुई थी जिनमें से किसी एक पुस्तक को सम्मान हेतु चुनना मुश्किल एवं दुरूह कार्य था 7
कॉर्यक्रम के अंत में मंच की कार्यकारी अध्यक्ष कान्ता रॉय ने आभार व्यक्त किया। आयोजन में शहर के एवम बाहर से पधारे विभिन्न साहित्यकारों, मीडियाकर्मियों एवम गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।