3 - पैरा 47 : जाहिदा के कथन से सपष्ट है कि उसके विवाहेत्तर संबंध थे। जिससे उसके विवाहेत्तर संबंध थे, उसी से शहला और अन्य महिलाओं से संबंध होने के कारण वो चिंतित थी, और जिससे संबंध थे, उसका पीछा भी करवाती थी, आपत्ति भी करती थी, इसके बावजूद दोनों सप्ताह में एक बार या दो बार मिलते थे।