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MP का 52वां जिला बना ‘निवाड़ी’, कैबिनेट में इन खास प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी …

रायसेन और पन्ना जिला मुख्यालयों पर इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना को भी मिली हरी झंड़ी...

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MP का 52वां जिला बना 'निवाड़ी', कैबिनेट में इन खास प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी ...

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जिलों की संख्या 51 से बढ़कर 52 होगी। इसके तहत टीकमगढ़ से कट करके निवाड़ी MP का 52वां जिला बनेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यानि शनिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। निवाड़ी नए जिले के रूप में एक अक्टूबर को अस्तित्व में आ जाएगा। इस संबंध में राजस्व विभाग द्वारा अधिसूचना भी जारी कर दिए गए हैं।

इस दौरान जल संसाधन विभाग की 8 सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। संभवतः वर्तमान सरकार की अंतिम बैठक 1 अक्टूबर को मिंटो हॉल पुरानी विधानसभा में होगी। अगले विधानसभा चुनाव की घोषणा भी अगले सप्ताह में होने की उम्मीद है।

इसके अलावा कैबिनेट बैठक में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए ब्लॉक स्तर पर हॉस्टल खोले जाने का भी फैसला हुआ है। डीएड- बीएड के अनुकंपा नियुक्ति पात्र के लिए एक विशेष परीक्षा कराई जायेगी, अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्रता परीक्षा होगी।

कैबिनेट ने जेल ओर कोर्ट के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए 126 प्रहरी के पद और 126 टेक्निकल सुपरवाइजर के पदों को भी मंजूरी दी गई है। भारत-ओमान रिफाइनरी लिमिटेड बीना द्वारा उत्पादित नेफ्था के उपयोग के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है। रायसेन और पन्ना जिला मुख्यालयों पर इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है।

नए जिले के लिए दिए गए आदेश के अनुसार टीकमगढ़ जिले की सीमाओं में उसकी तहसील पृथ्वीपुर, निवाड़ी और ओरछा को अपवर्जित करते हुए तथा समाविष्ट करते हुए एक नया जिला बनाया जाएगा, जिसका निवाड़ी मुख्यालय होगा।

काफी लंबे समय से स्थानीय विधायक और यहां की जनता जिला बनाने की मांग कर रही थी। सरकार ने निवाड़ी को जिला बनाने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। सूबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने टीकमगढ़ के दौरे पर निवाड़ी को चुनाव से पहले जिला बनाने की घोषणा की थी। इस प्रकार चुनाव से पहले सरकार ने अपना वादा पूरा किया, इसे एक बड़ा फैला माना जा रहा है|

45 से ऐसे हो गए 52 जिले...
दरअसल 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ अलग हुए, तब जिलों की संख्या 45 तथा संभाग 9 थे। इसके बाद 2003 में तीन नए जिलों का गठन किया गया। बुरहानपुर, अनूपपुर, शहडोल को जिला बनाया गया।

इसके बाद 2008 में तीन नए जिले बने अलीराजपुर, सिंगरौली और रतलाम। वहीं निवाड़ी से पहले प्रदेश का 51 वां जिला आगर-मालवा बना था। वर्तमान में मध्य प्रदेश में 10 संभाग और 51 जिले हैं, वहीं 10वां संभाग 2008 में शहडोल बनाया गया था।

निवाड़ी उत्तरप्रदेश से सटा नया जिला है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री ने निवाड़ी को जिला बनाने की घोषणा की थी। सीएम की घोषणा के बाद राजस्व विभाग के अवर सचिव ने 29 अगस्त 2016 को जिला प्रशासन से प्रस्ताव मांगा था। इसके बाद से ही यह कवायद चल रही थी। आज इस फैसले पर मुहर लगी है।

यह प्रस्ताव भी हुए मंजूर...

-ओबीसी बालक बालिका छात्रावास भवन बनेंगे। किराए की सुविधा भी मिलेगी।

-नीमच, आगर, शाजापुर, 1500 मेगावाट सौर ऊर्जा पार्क को मंजूरी।

-भोपाल इंदौर सिक्स लेन एक्सप्रेस वे के निर्माण को मंजूरी। 146.40 किमी लंबा।

-रायसेन एवम पन्ना में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज खुलेंगे।

-ढीमरखेड़ा कटनी महगें भिंड में नई आईटीआई खुलेगी।

-जिलों ओर न्यायालय के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए पद मंजूर।

- 690 पद वित्त विभाग के युक्तियुक्त करण को मंजूरी।

-उद्योग संवर्धन नीति - सयंत्र एवम मशीनरी के साथ भवन को भी लिया जाएगा।

-आयुष्मान भारत , राज्य बीमारी सहायता कोष जारी रहेगा। जब तक योजना सुचारू रूप नहीं ले लेती। 1 करोड़ 20 लाख लाभान्वित होंगे।