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शिवराज बोले-  भयानक त्रासदी, चुनौती बड़ी पर चिंता नहीं..

-------------------- 12 विभागों की टॉस्क फोर्स बनाई, मृतक परिजनों को चार लाख देंगे- जिनके मकान टूटे, उन्हें किराये के लिए 6000 रुपए या रहने की व्यवस्था की जाएगी---------------------

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CM Shivraj Singh

CM Shivraj Singh

Jitendra Chourasiya, भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भयानक प्राकृतिक आपदा है। अपनी जिंदगी में ऐसी तबाही को नहीं देखा। मैं गांव-गांव गया, तो ऐसी भयानक त्रासदी मैंने भी अपने जीवन में नहीं देखी। हजारों मकान तबाह हो गए। शिवराज ने बाढ़ राहत व आगे के काम के लिए अब 12 विभागों की टॉस्क फोर्स बना दी है। साथ ही मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख मदद और जिनके मकान टूटे उन्हें रहने के लिए छह हजार रुपए किराया या अन्य व्यवस्था करने का ऐलान किया है।
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राज्य मंत्रालय में कैबिनेट बैठक को सम्बोधित करते हुए शिवराज ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों मे
कई जगह गांव में केवल मलबे का ढेर बचा। घरों में रखा सामान बर्बाद हो गया। अनाज अंकुरित हो गया। बर्तन, भाडे, कपडे-लत्ते सब बर्बाद हो गए। मवेशी बह गए। कई परिवार ऐसे जिनके पास कुछ बचा नहीं। हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर तहस-नहस हो गया। बिजली के सब स्टेशन, ट्रासफार्मर, खंबे, सडक़ें-पुल की भयानक तबाही हुई। संतोष इस बात का कि समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन किया। एयरफोर्स-आर्मी ने भी बचाव कार्य किया। सबने प्रयत्न किया, तो जानें नहीं गई। इंसानी जिंदगी को बचाना पहली प्राथमिकता रही, उसमें सफल रहे। लेकिन, चुनौती बड़ी है। हम बाढ़ प्रभावित जनता को संदेश देना चाहता हूं कि तबाही बड़ी है, लेकिन चिंता न करें। हमारी सरकार राहत देने मेे कोई कोर-कसर नहीं छोडेगी। परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे। हमारे मंत्री मैदान में डटे हैं। वल्लभ भवन की प्रशासनिक टीम हो या फील्ड की, कोई पीछे नहीं। मैं खुद गांव में गया। व्यवस्थाएं बनानी पड़ेगी। हम त्रासदी से निकालकर ले जाएंगे। कई जगह भोजन की व्यवस्था की है। कुछ जगह आटा भी भेजने की व्यवस्था कर रहें।
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मकान किराये के लिए 6000 देंगे, सात जिलों में उत्सव नहीं-
जैसे-जैसे पानी उतरेगा सर्वे करना है। राजस्व विभाग सर्वे कराएगा। फसलों का नुकसान भी बहुत है। अनाज पचास किलो प्रति परिवार दे रहे। मंत्री इसे देखे। पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना का कार्यक्रम सात जिलों में नहीं होगा। इनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, गुना में अनाज बांटेंगे। पचास किलो और देंगे। पचास किलो आटा भी दे सकते हैं। लेकिन, यहां उत्सव नहीं करेंगे। जिनके घर खत्म हो गए, वो तत्काल नहीं बन सकते। उनके रहने के लिए किराये के घर के लिए छह हजार रुपए देंगे या कोई और व्यवस्था हो सकती तो वो करेंगे। पीएम आवास योजना के तहत का पैसा जिनके मकान गिरे उन्हें देंगे। मकान बनाने की व्यवस्था बना रहे। गांव-शहर में भी करेंगे।
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4 लाख रुपए मृतक परिजनों को, टॉस्क फोर्स भी गठित-
शिवराज ने कहा कि मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपए सहायता देंगे। इसकी पूरी व्यवस्था बनाकर घोषित करेंगे। अभी 12 विभागों की एक स्पेशल टॉस्क फोर्स बना रहे। यह टॉस्क फोर्स बाढ़ से राहत और आगे के काम करेगी। इसमें शहरी विकास, ग्रामीण विकास, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, पीएचई, जल संसाधन, गृह, ऊर्जा, राजस्व, कृषि, खाद्य, पशुपालन विभाग के मंत्री, एसीएस व पीएस शामिल रहेंगे। यह बैठक करके तय करेगी कि कैसे जिलों तक काम होगा। इसके अलावा क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी को भी बाढ़ आपदा में सक्रिय किया जाएगा। प्रभारी-स्थानीय मंत्री इनकी बैठक करें। मैं भी इसकी बैठक करूंगा।
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गृहमंत्री का रेस्क्यू करना पड़ा-
प्रभारी व स्थानीय मंत्रियों के कामों का भी शिवराज ने जिक्र किया। शिवराज ने कहा कि सब राहत देने के लिए जुटे हैं। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, उनका तो खुद रेस्क्यू करना पड़ा। वे लोगों को बचाने उतर पड़े। सबने जबरदस्त परिश्रम किया है। ये हमारी ड्यूटी थी। हम मैदान में डटकर सेवा करेंगे। बिजली, राशन, पेयजल, भोजन की चुनौती है। हम जुट गए हैं। श्योपुर-बडौदा, शिवपुरी में व्यापक नुकसान पहुंचा। यहां रिस्टोर करना बड़ी चुनौती है। बिजली की व्यवस्था भी एक बड़ी चुनौती है। बिजली में भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। कुछ जगह आपूर्ति प्रारंभ हो गई है। ब्रिज टूट गए, तो रास्ते बंद हैं। मौसम विपरीत है। कनेक्टिविटी जोडऩा और दवा-उपचार की व्यवस्था भी बड़ी चुनौती है। पानी अब धीरे-धीरे उतर रहा है। युद्धस्तर पर सफाई के लिए बाहर से अमला भेजना पड़ सकता है।
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केंद्र के लिए जल्द बने प्रस्ताव-
समाजसेवी संस्थाओं को भी जोड़ेगे। इनमें दान को बढ़ावा दिया जाए। ग्वालियर में दान की अपील की तो ग्वालियर से खाद्य सामग्री के ट्रक रवाना हो गए। जनता खूब देती है। राजनीतिक दलों से भी अपील करेंगे कि वो भी बयान नहीं, राहत के लिए मदद दें। व्यापक नुकसान हुआ है। कोरोना की दो बार मार पड़ी है। इसलिए आर्थिक परिस्थितियां ऐसी हैं कि केंद्र से मदद की जरूरत है। केंद्र से मदद के लिए प्रस्ताव बनाना है। इस प्रस्ताव को समय पर भेज दें, तो जल्द टीम आ जाएंगी। बाद में विस्तृत प्रस्ताव बना देंगे।
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