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भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली बुलाया, क्या मिलने वाली है शिवराज को नई जिम्मेदारी?

अब तक दिल्ली नहीं गए शिवराज सिंह चौहान को आखिरकार दिल्ली से बुलावा आया है। एमपी में भाजपा को मिली प्रचंड जीत के बाद शिवराज सिंह चौहान पहली बार दिल्ली जा रहे हैं। मंगलवार को जेपी नड्डा से होगी बातचीत...।

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भोपाल

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Manish Geete

Dec 18, 2023

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सोमवार शाम को दिल्ली में जेपी नड्डा और शिवराज की मुलाकात।

मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की नई भूमिका क्या होगी, इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। अब तक दिल्ली नहीं गए शिवराज सिंह चौहान को आखिरकार दिल्ली से बुलावा आया है। एमपी में भाजपा को मिली प्रचंड जीत के बाद शिवराज सिंह चौहान पहली बार दिल्ली जा रहे हैं। चौहान ने खुद इसकी पुष्टि की है।

विधानसभा में सोमवार को नव निर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह था। सदन में प्रोटेम स्पीकर ने सभी सदस्यों को शपथ दिलाई। शिवराज सिंह ने भी शपथ ग्रहण की। इसके बाद मीडिया से चर्चा में शिवराज सिंह चौहान ने सभी नए और सीनियर नेताओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान चौहान ने मीडिया के कई सवालों के जवाब भी दिए।

यह नया परिवर्तन है

चौहान ने कहा कि यह नया परिवर्तन हैं। खाससकर पीढ़ी परिवर्तन भी हुआ है। मोहन यादव युवा मुख्यमंत्री हैं, वहीं नेता प्रतिपक्ष भी युवा हैं। इसे हमें सकारात्मक रूप से लेना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि मोहन यादवजी के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति और विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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पहले से बेहतर काम हों

मैंने लगभग 17 साल मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की जनता की सेवा की और विकास हो या जन कल्याण मुझे आत्म संतोष भी है और गर्व भी है कि अपनी जनता के लिए और प्रदेश के विकास के लिए मैं बहुत काम कर पाया। लेकिन, स्वाभाविक रूप से एक राज्य के नागरिक के नाते मेरी यही इच्छा है कि मोहन यादव के नेतृत्व में इससे भी बेहतर काम हो। सोचने के दो दृष्टिकोण हो सकते हैं एक हो सकता है कि मैंने बहुत अच्छा किया, लेकिन नागरिक और अच्छे व्यक्ति के नाते मैंने जो किया उससे बहुत अच्छा मेरे बाद आने वाला मुख्यमंत्री करें। मैं मोहनजी, जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल को शुभकामनाएं देता हूं।

मैं बुदनी की सेवा करूंगा

चौहान ने आगे कहा कि विधायक दल के नेता के नाते वे हमारे नेता हैं और दूसरे विधायक के नाते भी। मैं विधानसभा को ईंट-गारों का भवन नहीं मानता, पवित्र मंदिर मानता हूं, मुझे यह भाव भी नहीं है कि मैं बड़ा हूं, मैं विधायक हूं तो विधानसभा मेरा मंदिर है। मैं विधानसभा में भी काम करूंगा। मेरी बुदनी क्षेत्र की जनता बगैर जाए मुझे अच्छे वोटों से चुनाव में जिता दिया। वहां का विकास मेरी स्वाभाविक ड्यूटी है। मैं आनंदित और प्रसन्नचित हूं।

पार्टी तय करेगी मेरी भूमिका

भाजपा में अपनी भूमिका पर शिवराज ने कहा कि आज विधानसभा में नए विधायक शपथ ग्रहण कर रहे हैं और जिस ढंग से नई सरकार ने काम शुरू किया है, वो आने वाले दिनों में सुकून देने वाला है। मैंने हमेशा कहा है कि भारतीय जनता पार्टी एक मिशन है, यह आप और हम तय नहीं कर सकते, जहां पार्टी तय करेगी। चौहान ने बताया कि पर्यावरण मेरा प्रिय मुद्दा है, महिला सशक्तिकरण मेरा विषय है, यह विषय ऐसे हैं जो अंतर्रात्मा से निकलते हैं।

लोकसभा है अगला लक्ष्य

चौहान ने कहा कि भाई और बहन के रिश्ते भाई और मामा का रिश्ता है। संबंध रहेंगे, लेकिन काम करना है। सरकार सफल हो, जनता की भावनाओं का आदर करना है, जनता के कल्याण करना है। लक्ष्य है लोकसभा में कैसे हम पूरी सीटे जीतें। मोदीजी हमारे नेता है और उनके नेतृत्व में हम 29 की 29 सीटें जीतें, इसलिए जी जान से लगेंगे। चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुझसे चर्चा करने को कहा है। मैं उनसे मिलूंगा। मैं शाम को दिल्ली पहुंच रहा हूं। हालांकि थोड़ी देर बाद ही शिवराज के दिल्ली जाने का कार्यक्रम बदल गया। खबर आई कि अब वे मंगलवार को दिल्ली जाएंगे और दोपहर 12 बजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे। मध्यप्रदेश में चुनाव में मिली भाजपा को प्रचंड जीत के बाद शिवराज की आलाकमान से यह पहली मुलाकात है।

पहले दिल्ली जाने से किया था इनकार

इससे पहले भाजपा की प्रचंड जीत के बाद जब कई दिग्गज नेता मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए दिल्ली में जमे थे, ऐसे में शिवराज सिंह चौहान दिल्ली नहीं गए थे। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि मैं दिल्ली नहीं जाउंगा, अपने लिए कुछ मांगने से बेहतर है मैं मर जाना पसंद करूंगा। लेकिन, अब शिवराज के दिल्ली दौरे को लेकर सभी की निगाह लग गई है। माना जा रहा है कि जेपी नड्डा के साथ शिवराज की भूमिका पर चर्चा हो सकती है। या केंद्र में उन्हें मंत्रीपद के लिए कहा जा सकता है या मध्यप्रदेश में भी कोई अहम पद दिया जा सकता है। अब सभी की निगाह दो दिग्गजों की मुलाकात पर टिक गई है।