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बीजेपी नेताओं को थप्पड़ मारने वाली कलेक्टर पर गिरी गाज, शिवराज ने आते ही हटाया

SDM प्रिया वर्मा को भी हटाया गया
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भोपाल

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Muneshwar Kumar

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Updated: 24 Mar 2020, 8:05 PM IST

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भोपाल/ शिवराज सिंह चौहान ने कमान संभालते ही प्रशासनिक सर्जरी शुरू कर दी है। शपथ के कुछ घंटे बाद ही मुख्य सचिव पर गाज गिरी। उसके बाद बीजेपी नेताओं को थप्पड़ मारने वाली राजगढ़ कलेक्टर निधि निवेदिता पर गाज गिरी है। शिवराज सरकार ने कलेक्टर निधि निवेदिता और डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा को हटा दिया है।

राजगढ़ की कलेक्टर निधि निवेदिता ने सीएए के समर्थन में निकाली गई रैली के दौरान बीजेपी नेताओं पर थप्पड़ से वॉर किया था। कई नेताओं को वह थप्पड़ मारी थी। कलेक्टर निधि निवेदिता के अलावे डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा ने भी बीजेपी नेताओं पर हाथ उठाए थे। दोनों ही अधिकारियों को वहां से हटा दिया गया है। क्योंकि ये पहले से तय माना जा रहा था कि शिवराज सिंह चौहान सत्ता में आते ही इन अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे।

बीजेपी ने किया था बड़ा प्रदर्शन

थप्पड़कांड के विरोध में बीजेपी ने राजगढ़ के ब्यावर में बड़ा प्रदर्शन किया था। जिसमें बीजेपी के तमाम दिग्गज नेता शामिल हुए थे। उसमें शिवराज सिंह चौहान, गोपाल भार्गव, राकेश सिंह और कैलाश विजयवर्गीय शामिल हुए थे। इस दौरान बीजेपी नेताओं ने दोनों अफसरों पर खूब वॉर किया था। साथ ही चेताया भी था लेकिन कमलनाथ ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। बल्कि कांग्रेस ने इन अफसरों का हौसला बढ़ाया था।

सीएए के समर्थन में प्रदर्शन के लिए नहीं दी थी अनुमति

दरअसल, मध्यप्रदेश बीजेपी की ओर सीएए के समर्थन में रैली निकाली जा रही थी। बीजेपी ने ब्यावरा में भी रैली निकालने की अनुमति मांगी थी लेकिन कलेक्टर निधि निवेदिता ने नहीं दी। उसके बाद भी बीजेपी नेताओं ने शहर में सीएए के समर्थन में रैली निकाली। उसके बाद कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर जाकर नेताओं से भिड़ गई। इस घटना की निंदा भी खूब हुई थी कि शांति पूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले लोगों को कलेक्टर ने थप्पड़ क्यों मारी।







बीजेपी नेताओं ने कहे थे अपशब्द

वहीं कलेक्टर निधि निवेदिता को कुछ बीजेपी नेताओं ने अपशब्द भी कहे थे, जिसका आईएएस एसोसिएशन ने विरोध किया था। साथ ही कांग्रेस ने भी महिला सम्मान को लेकर बीजेपी पर सवाल खड़ा किया था। निधि निवेदिता के समर्थन में कई महिला आईएएस अधिकारी भी उतर आई थीं और नेता के बयान की निंदा की थी।