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मामा-महाराज भूले अपना वादा, पूर्व मुख्यमंत्री ने दिलाई याद

MP News: मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों लेकर जमकर सियासत छिड़ी हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जमकर निशाना साधा है।

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shivraj singh chouhan and jyotiraditya scindia

MP News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हुए अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान भीड़ पर लाठीचार्ज करने से अतिथि शिक्षकों में सरकार के प्रति भारी नाराजगी है। अपनी मांग को लेकर अतिथि शिक्षक एकजुट होकर प्रदर्शन करने की जगह अपने-अपने गृह क्षेत्रों में संघ, बीजेपी, विधायक, सांसद और अधिकारियों का ज्ञापन सौंपते हुए विरोध जता रहे हैं। इसको लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने नाराजगी जताई है।

दिग्विजय सिंह ने शिवराज-सिंधिया पर साधा निशाना


पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि मामा जी आप के वादों का क्या हुआ? महाराज आप कब इनके लिए सड़क पर उतरेंगे? आगे उन्होंने लिखा कि अतिथि शिक्षकों पर पुलिस ने लाठियां बरसाई। तब वह सुंदरकांड का पाठ कर रहे थे। इससे पहले बैनर लगाया कि गोली भी मारी जा सकती है। बैनर पर प्रर्दशनकारियों को दंगाई बलवाई लिखा गया। लाठीचार्ज से पहले बिजली बंद कर दी, ठीक जलियांवाला बाग की तरह।

कुछ नहीं बोले शिक्षा मंत्री


अतिथि शिक्षकों के प्रदर्शन और नियमितीकरण को लेकर सरकार कुछ भी बोलने से बच रही है। इससे पहले स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने अतिथियों के नियमितीकरण को लेकर कहा था कि अतिथि बनकर आए हो तो घर पर कब्जा कर लोगे। शिक्षा मंत्री के इस बयान के बाद जमकर हंगामा हुआ था। जिसके बाद अपने शब्दों को वापस भी ले लिया था। अतिथि शिक्षकों ने मंत्री जी से मिलकर अपनी मांगों को लेकर प्रस्ताव सौंपा तो वह बोलने से बचते नजर आए।

क्या है अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांगें


अतिथि शिक्षक स्कोरकार्ड में प्रत्येक सत्र के अनुभव के कम से कम 10 अंक सभी वर्गों में शमिल किया जाए। अनुभन के आधार पर नीति बनाकर अतिथि शिक्षकों को 12 महीने का सेवाकाल और पद परमानेंट करें। तीस परसेंट से कम परिणाम वाले अतिथि शिक्षकों को एक और मौका दिया जाए। अतिथि शिक्षक भर्ती में वार्षिक अनुबंध सत्र 2024-2025 से लागू करें।

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