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अगर किसी वजह से आप नहीं कर पाएं हैं श्राद्ध, तो करें यह 5 काम, पितरों का गुस्सा हो जाएगा शांत

अगर किसी वजह से आप नहीं कर पाएं हैं श्राद्ध, तो करें यह 5 काम, पितरों का गुस्सा हो जाएगा शांत

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अगर किसी वजह से आप नहीं कर पाएं हैं श्राद्ध, तो करें यह 5 काम, पितरों का गुस्सा हो जाएगा शांत

भोपालः पितृ पक्ष के दौरान पितरों का तर्पण किया जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि, पितृ पक्ष में पूर्वज हमारे घर आकर भोजन ग्रहण कर तृप्त हो जाते हैं। यह भी माना जाता है कि, इस पक्ष में हमारे पूर्वज पशु-पक्षी के रूप में आते हैं, इसमें खासकर वह कौवे के रूप में आते हैं, इसलिए पितृ पक्ष में कौवे को खाना खिलाने की ज्यादा मान्याताएं हैं। पितृ पक्ष के दिनों में लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध करते हैं। ऐसे में किसी कारण वश अगर आप पितृ पक्ष में श्राद्ध ना कर पाए हों, साथ ही अब आपको ऐसा लग रहा है कि, आपके पितर आपसे नाराज़ हैं, तो उनके गुस्से को शांत करने और इस समस्या का निवारण शास्त्रों में दिया गया है। अगर आपने पितृ पक्ष में अपने पितरों का श्राद्ध नहीं किया हो तो आप ये पांच काम करके अपने पितरों के गुस्से से बच सकते हैं। आइए जानते हैं, उन खास कामों के बारे में।

-ब्राह्मण को भोजन खिलाएं

अगर आप श्राद्ध विधि पूर्वक करने में असमर्थ रहे तो आप किसी एक ब्राह्मण को भोजन खिलाकर उसका निवारण कर सकते हैं, या फिर आप सीधा देकर भी इसका निवारण किया जा सकता है। सीधा का मतलब है कि आप उन्हें दाल, चावल और दक्षिणा दे सकते है|

-नदी में काले तिल डालकर करें पितरों का तर्पण

पितरों का श्राद्ध नहीं कर पाए हों तो आप अपने घर के नजदीक किसी नदी पर जाएं और उसमें काले तिल डालकर अपने पितरों का तर्पण करें। अगर आपके घर के पास कोई नदी नहीं हैं तो अपने घर पर ही दक्षिण मुखी होकर अपने पितरों का तर्पण करें।

-एक मुट्ठी काले तिल का दान करें

इसके अलावा अगर आप किसी विद्वान ब्राह्मण को सिर्फ एक मुट्ठी काले तिल भी दान कर देंगे तो इससे भी आपके पितर तृप्त हो जाएंगे।

-गाय को चारा खिलाएं

पितरों के गुस्से को शांत करके तृप्त करने के लिए सबसे आसान काम यह है कि, आप गाय को चारा खिला दें।

-सूर्य देव की प्रार्थना करें

सूर्य देवता के सामने हाथ जोड़कर चुपचाप खड़े होएं। साथ ही, प्रार्थना करें कि, सूर्य देव मैं अपने पितरों का श्राद्ध नहीं कर सका। इसलिए आप मेरे पितरों तक मेरी भावनाओं और प्रेम भरा प्रणाम पहुंचाए और उन्हें तृप्त करें।