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श्रीराम कैसे पहुंचे एमपी की अयोध्या, यहां कैसे बन गया जहांगीर महल? सवालों से अब उठेगा पर्दा

MP Tourism Orchha The Ramraja Lok History: श्रीराम राजा की नगरी ओरछा, धर्म के साथ ही पुरातन का समागम करती है। ऐसे में राम राजा लोक में भी अब दोनों का समायोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं के साथ ही पर्यटकों को यहां बुंदेला राजवंश की पूरी गाथा बताई जाएगी, 12 एकड़ में तैयार हो रहे रामराजा लोक में मिलेगा हर सवाल का जवाब

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MP Tourism Orchha The Ramraja Lok History

MP Tourism Orchha The Ramraja Lok History

MP Tourism Orchha The Ramraja Lok History: ओरछा रियासत के महाराज मधुकर शाह और अकबर के बीच 450 साल पहले आगरा की भरी सभा में क्या हुआ? इस सभा के बाद भगवान श्रीराम और माता जानकी के विग्रह कैसे ओरछा पहुंचे? ओरछा में बने जहांगीर महल के पीछे की क्या है कहानी? यह सब ऐतिहासिक जानकारी से अब पर्दा उठने वाला है। राम राजा लोक के पार्ट-2 में पर्यटन विभाग यहां के बुंदेला राजवंश के पराक्रम और शौर्य को प्रदर्शित करेगा। बुंदेला राजवंश का इतिहास भी कोई 500 साल से ज्यादा पुराना है।

टूरिस्ट जानेंगे ओरछा का वैभव

श्रीराम राजा की नगरी ओरछा, धर्म के साथ ही पुरातन का समागम करती है। ऐसे में राम राजा लोक में भी अब दोनों का समायोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं के साथ ही पर्यटकों को यहां बुंदेला राजवंश की पूरी गाथा बताई जाएगी। पहले चरण में जहां राम राजा परिसर का 12 एकड़ में विस्तार कर राम के वनवास से लेकर राजा बनने की कथा को प्रदर्शित किया जा रहा है, तो दूसरे चरण में ओरछा के बुंदेला राजवंश के पराक्रम, वैभव को पर्यटकों के सामने लाया जाएगा।

पर्यटन विभाग के कार्यपालन यंत्री केके चौरसिया ने बताया कि दूसरे चरण में ओरछा के जहांगीर महल के भूतल पर संग्रहालय में बुंदेला साम्राज्य और उसकी वीरता को प्रदर्शित करते हुए संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। राज महल के पास स्थित बारूद खाना में बुंदेला राजवंश के आधुनिक शस्त्र एवं शस्त्रागार का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं ओरछा के मठ, मंदिर, महल, कोठियों एवं यहां के वैभव से संबंधित वेब आधारित सामग्री और क्यूआर कोड पर आधारित ऐप विकसित कर रहे हैं।

पारंपरिक थीम वाला परिवहन

इसके साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करने पारंपरिक थीम वाला परिवहन सिस्टम डेवलप किया जाएगा। इसमें महेश्वर और चंदेरी कपड़े के साथ ई-रिक्शा तैयार किए जाएंगे। यह पारंपरिक तरीके से बैलगाड़ी के समान होंगे। योजना है कि ओरछा में वाहनों को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वाहनों को परकोटा के पहले ही रोका जाएगा और वहां से इन ईरि क्शा के माध्यम से पर्यटक ओरछा में प्रवेश करेंगे। पीपीपी मोड में इनका संचालित होगा।

यहां का कोना-कोना गाएगा गाथा

रामराजा लोक में आने वाले पर्यटकों को हर जगह ओरछा राजवंश, उसके शौर्य, श्रीराम के ओरछा आगमन के साथ ही यहां के इतिहास की जानकारी मिलेगी। इसके लिए पर्यटन विभाग इतिहास को संजोते हुए नाटक के रूप में यहां की कहानियों को प्रदर्शित करते हुए ऐप, साइनेज, व्याख्या पैनल लगाएगा। इसके साथ ही पर्यटकों को आकर्षित करने झांसी रेलवे स्टेशन पर इंटरैक्टिव कियोस्क स्थापित किया जाएगा।

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