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विद्यार्थी बोले शिक्षा के साथ संस्कृति, संस्कारों की करेंगे रक्षा

दीवानगंज ज्ञानोदय तीर्थ में सिद्धांज संस्कृत महाविद्यालय का शुभारंभ

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विद्यार्थी बोले शिक्षा के साथ संस्कृति, संस्कारों की करेंगे रक्षा

भोपाल. दीवानगंज स्थित ज्ञानोदय तीर्थधाम में रविवार को सिद्धांत संस्कृत महाविद्यालय का शुभारंभ हुआ। इस महाविद्यालय में बच्चे संस्कृत की नि:शुल्क शिक्षा ले सकेंगे। महाविद्यालय में पहले बेच के लिए 18 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इस मौके पर चयनित विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे यहां शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति, संस्कारों की रक्षा के लिए भी सदैव तत्पर रहेंगे।

इस महाविद्यालाय का शुभारंभ अजीत जैन बड़ौदा और ध्वजारोहण मनोज इंजीनियर एमआर ने किया। पाठशाला के बच्चों द्वारा मंगलाचरण किया गया। इस मौके पर उपस्थित मुख्य अतिथि राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान नई दिल्ली के कुलपति प्रो. पीए शास्त्री थे, उन्होंने विद्यार्थियों को जरुरी मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में उपस्थित संभागायुक्त कवीन्द्र कियावत ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धा के दौर में धार्मिक संस्कारों के साथ आज के युवा अपने आप को स्थापित करे, यह अत्यंत आवश्यक है।

आईपीएस पवन जैन ने शिक्षा के साथ सांस्कृतिक और संस्कारों की रक्षा का महत्व बताते हुए कहा कि शिक्षा दो, संस्कार दो, सदाचरण दो साथ ही अपनी परम्परा को नई व्याकरण तो दो। इस मौके पर आईएएस राहुल जैन ने भी लोगों को संबोधित किया। इस मौके पर ब्रह्मचारी सुमत प्रकाश ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम में देवेंद्र बड़कुल, अशोक जैन, प्रणव चौधरी, अरुण जैन वर्धमान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कलश, छत्र, चंवर अर्पित कर की आराधना
भोपाल. दीवानगंज में कुन्द-कुन्द कहान दिगम्बर जैन ट्रस्ट की ओर दूसरे दिन समोशरण जिनालय में शनिवार को वेदी प्रतिष्ठा विधान का शुभारंभ किया गया था। इंद्राणियों द्वारा कलश, छत्र, चंवर, भाममंडल के साथ शोभायात्रा निकाली गई और भगवान शीतलनाथ ही आराधना की। वेदी प्रतिष्ठा विधान का शुभारंभ बसंती बेन मुंबई द्वारा किया गया।

भगवान शीतलनाथ के निर्मित समोशरण में वेदी शुद्धि और प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा आशीष, रश्मि जैन, देवेंद्र बड़कुल, राजेंद्र मोदी परिवारों द्वारा की गई। इसके बाद ब्रह्मचारी सुमत भैया ने जैन दर्शन पर प्रकाश डाला। दीवानगंज स्थित ज्ञानोदय तीर्थ में सिद्धांत संस्कृत महाविद्यालय का शुभारंभ रविवार सुबह 10 बजे होगा। ज्ञानोदय तीर्थ के अरुण जैन वर्धमान ने बताया कि कार्यक्रम राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के कुलपति प्रो. पीएन शास्त्री के मुख्य आतिथ्य में होगा।